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धनी बनने के ज्योतिष्य योग

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यह कुछ योग हैं कुंडली के जिससे पता चलता है की आप धनवान बनेंगे या महाधनवान बनेंगे ..... कुंडली का दूसरा भाव धन भाव होता है और कुंडली का 11 भाव आय को दर्शाता है ज़िसे लाभ भाव भी कहा जाता है ,पंचम भाव भाग्य का भी भाग्य भाव होता है ,लग्न भाव पहला भाव हमारा शरीर होता है ,कुंडली का नौवां घर और दशवां घर हमारे भाग्य व व्यवसाय तथा कार्य क्षेत्र का होता है | 1.अगर कुंडली में राशी परिवर्तन योग हो ,अर्थात धनेश लाभ भाव में तथा लाभेश धन भाव में हो तो यह बहुत जबर्दस्त धन योग होता है ऐसा व्यक्ति करोडों में खेलता है या लाभेश और धनेश की युति ,दृष्टी आपस में कुंडली के केन्द्रीय भाव 1,4,7,10 में हो ,या त्रिकोण भाव 1,5,9 में हो तो भी इसकी शुभ फलों की प्राप्ती होती है | 2.कुंडली में पंच महापुरूष योग हो,मंगल ,बुद्ध ,गुरु ,शुक्र तथा शनि अपनी उच्च राशी व स्वराशी के होकर केन्द्र व त्रिकोण भाव में स्थित हों तो भी व्यक्ति वैभव पूर्ण जीवन जीता है उसके जीवन में धन की कभी कमी नही होती ऐसा व्यक्ति अरबों का स्वामी होता है ,शाहरुख खान,आमिर खान,सलमान खान,सचिन तेंदुलकर ,प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आदि ही लोगों की कुंडली में यह योग मवजूद हैं ---मंगल से रूचक योग ,बुद्ध से भद्र ,गुरु से हंस, शुक्र से मालव्य तथा शनि से शश योग | 3.धनेश धन भाव हो तथा उस पर कहीं से भी गुरु की युति ,दृष्टी हो तो यह एक प्रसंनीय धन योग होता है | 4.गजकेशरी योग भी धन दौलत के लिए बहुत ही शुभ योग होता है चन्द्रमा और गुरु किसी भी भाव में एक साथ हों या इनकी आपस में युति दृष्टी हो तब यह योग बनता है अगर यह योग कुंडली के केन्द्र भाव में बनता है तो अत्यंत शुभ होता है | 5.सुनफा तथा अनफा योग ,अमला योग ,महालक्षमी योग ,बुद्ध आदित्य योग ,महायोग , इन योगों में जन्मा व्यक्ति करोडो अरबों में खेलता है परंतु इन योगों को बनाने वाले ग्रहों पर अशुभ तथा पापी ग्रहों की दृष्टी ना हो नही तो इन योगों का फल कम हो जाएगा | 6.दशवें भाव का स्वामी पांचवें भाव में हो पांचवें भाव का स्वामी दशवें भाव में हो ज़िसकी कुंडली में यह योग हो तो ऐसा व्यक्ति अपनी विधा बुद्धि से खूब धनार्जन करता है ऐसे व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता मिलती है | 7.बुद्ध ,शुक्र की युति मिथुन राशी में हो और कुंडली में यह केन्द्र भाव ,धन भाव , में हो तो ऐसा व्यक्ति अतुल धन संम्पदा का स्वामी होता है | 8. केन्द्र भाव तथा त्रिकोण भाव में जितने ज्यादा ग्रह होंगे कुंडली में उतने ही ज्यादा शुभ धन योग होंगे ...जय श्री हरि विभिन्न विद्वानों से हाथ जोडकर निवेदन है की अगर कोई त्रुटी हुई हो तो उसके लिए क्षमा चाहता हूँ ||
posted Aug 21, 2017 by anonymous

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हनुमान चालीसा का प्रयोग हमारे जीवन में एक अचूक उपाय के रूप में भी कार्य करता है। इसके साइकोलॉजिकल और साइंटिफिक कारण है। 1. यदि आपके मन में भय या हमेशा डर की स्थिति बनी रहती है तो हनुमान चालीसा व बजरंग बाण का रोज पाठ करें। व मेहरून वस्त्र ही पहनें। कुछ ही दिनों में आपको निडर और निर्भयता प्राप्त होने लगेगी। 2. घर से बाहर जाते समय विशेष रूप से वाहन चलाते समय अपने साथ एक छोटी हनुमान चालीसा व एक काला धागा अपने साथ हमेशा रखें । दुर्घटनाओं से रक्षा होगी। 3. जिन बच्चों को रात में सोते हुए अचानक डर जाने की समस्या होती है उनके सिराने पर सोते समय एक हनुमान चालीसा व चमेली के फूल रखें व हाथ मे एक काला धागा बांधे। उनकी यह समस्या दूर हो जाएगी। 4. यदि शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के कारण जीवन में संघर्ष बढ़ रहा हो तो रोज हनुमान चालीसा का पाठ करें स्थिति अनुकूल बनेगी। 5. इंटरव्यू पर जाने से पहले तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें । आप मे कॉन्फिडेंस बढ़ जायेगा। आपको घबराहट की समस्या नहीं होगी। 6. कुंडली में मंगल की दशा चल रही हो तो नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करें व पीपल में पानी दें। अच्छे परिणाम मिलेंगे। 7. कर्ज की समस्या अधिक हो तो सुबह शाम तीन तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें , साथ मे गायत्री मंत्र का जप भी करें। लाभ मिलेगा। 8. यदि आपकी कोई जमीन या प्रॉपर्टी बिक नहीं पा रही हो तो घर में मारुती यन्त्र स्थापित करके उसके सामने रोज हनुमान चालीसा का पाठ करें जल्दी अच्छे परिणाम मिलेंगे। 9. यदि आपको अकारण ही जेल जाने की स्थिति बन जाये तो हनुमान चालीसा के 100 पाठ का एक अनुष्ठान पूरा करें । व महामृत्युंजय का जप करें। चमत्कारिक परिणाम होंगे। 10. सभी को श्री हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए इसे उनका आत्मबल हमेशा मजबूत बना रहता है । और जीवन में हमेशा आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है।
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ग्रह योग जो छप्पर फाड़ के देते हैं धन यदि आप Rich बनने का सपना देखते हैं, तो अपनी जन्म कुण्डली में इन ग्रह योगों को देखकर उसी अनुसार अपने प्रयासों को गति दें। १ यदि लग्र का स्वामी दसवें भाव में आ जाता है तब जातक अपने माता-पिता से भी अधिक धनी होता है। २ मेष या कर्क राशि में स्थित बुध व्यक्ति को धनवान बनाता है। ३ जब गुरु नवे और ग्यारहवें और सूर्य पांचवे भाव में बैठा हो तब व्यक्ति धनवान होता है। ४ शनि ग्रह को छोड़कर जब दूसरे और नवे भाव के स्वामी एक दूसरे के घर में बैठे होते हैं तब व्यक्ति को धनवान बना देते हैं। ५ जब चंद्रमा और गुरु या चंद्रमा और शुक्र पांचवे भाव में बैठ जाए तो व्यक्ति को अमीर बना देते हैं। ६ दूसरे भाव का स्वामी यदि ८ वें भाव में चला जाए तो व्यक्ति को स्वयं के परिश्रम और प्रयासों से धन पाता है। ७ यदि दसवें भाव का स्वामी लग्र में आ जाए तो जातक धनवान होता है। ८ सूर्य का छठे और ग्यारहवें भाव में होने पर व्यक्ति अपार धन पाता है। विशेषकर जब सूर्य और राहू के ग्रहयोग बने। ९ छठे, आठवे और बारहवें भाव के स्वामी यदि छठे, आठवे, बारहवें या ग्यारहवे भाव में चले जाए तो व्यक्ति को अचानक धनपति बन जाता है। १० यदि सातवें भाव में मंगल या शनि बैठे हों और ग्यारहवें भाव में शनि या मंगल या राहू बैठा हो तो व्यक्ति खेल, जुंए, दलाली या वकालात आदि के द्वारा धन पाता है। ११ मंगल चौथे भाव, सूर्य पांचवे भाव में और गुरु ग्यारहवे या पांचवे भाव में होने पर व्यक्ति को पैतृक संपत्ति से, खेती से या भवन से आय प्राप्त होती है, जो निरंतर बढ़ती है। १२ गुरु जब कर्क, धनु या मीन राशि का और पांचवे भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो व्यक्ति पुत्र और पुत्रियों के द्वारा धन लाभ पाता है। १३ राहू, शनि या मंगल और सूर्य ग्यारहवें भाव में हों तब व्यक्ति धीरे-धीरे धनपति हो जाता है। १४ बुध, शुक और शनि जिस भाव में एक साथ हो वह व्यक्ति को व्यापार में बहुत ऊंचाई देकर धनकुबेर बनाता है १५ दसवें भाव का स्वामी वृषभ राशि या तुला राशि में और शुक्र या सातवें भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो व्यक्ति को विवाह के द्वारा और पत्नी की कमाई से बहुत धन लाभ होता है। १६ शनि जब तुला, मकर या कुंभ राशि में होता है, तब आंकिक योग्यता जैसे अकाउण्टेट, गणितज्ञ आदि बनकर धन अर्जित करता है। १७ बुध, शुक्र और गुरु किसी भी ग्रह में एक साथ हो तब व्यक्ति धार्मिक कार्यों द्वारा धनवान होता है। जिनमें पुरोहित, पंडित, ज्योतिष, प्रवचनकार और धर्म संस्था का प्रमुख बनकर धनवान हो जाता है। १८ कुण्डली के त्रिकोण घरों या चतुष्कोण घरों में यदि गुरु, शुक्र, चंद्र और बुध बैठे हो या फिर ३, ६ और ग्यारहवें भाव में सूर्य, राहू, शनि, मंगल आदि ग्रह बैठे हो तब व्यक्ति राहू या शनि या शुक या बुध की दशा में अपार धन प्राप्त करता है। १९ गुरु जब दसर्वे या ग्यारहवें भाव में और सूर्य और मंगल चौथे और पांचवे भाव में हो या ग्रह इसकी विपरीत स्थिति में हो व्यक्ति को प्रशासनिक क्षमताओं के द्वारा धन अर्जित करता है। २० यदि सातवें भाव में मंगल या शनि बैठे हों और ग्यारहवें भाव में केतु को छोड़कर अन्य कोई ग्रह बैठा हो, तब व्यक्ति व्यापार-व्यवसार द्वारा अपार धन प्राप्त करता है। यदि केतु ग्यारहवें भाव में बैठा हो तब व्यक्ति विदेशी व्यापार से धन प्राप्त करता है।
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यदि आप भी उनमें से हैं जिन्हें कड़ी मेहनत के वाबजूद भी जीवन में वो मुकाम नहीं मिल पाया जिसकी आपने उम्मीद की थी तो यकीन मानिये आपको इस खबर को पढ़ने की बेहद आवश्यकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे सुगंधित फूलों के प्रयोग के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका प्रयोग आप अपने दिन प्रतिदिन के जीवन में करके अपने सोये हुए भाग्य को जगा सकते हैं। आईये जानते है कौन से हैं वो फूल जिनका प्रयोग कर आप अपने भाग्य को जगा सकते हैं। गुलाब: गुलाब के फूलों का प्रयोग अापने आज तक अलग-अलग रूपों में किया होगा, लेकिन यदि इस फूल का प्रयोग आप खासतौर से अपनी सोई किस्मत को जगाने के लिए करें तो इससे आपको काफी लाभ मिल सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुलाब का फूल सूर्य और मंगल के प्रभाव को शुभ बनाने वाला होता है। यदि आप अपने किसी काम में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो मंगलवार के दिन हनुमान जी को सात गुलाब के फूल चढ़ाने से आपको लाभ मिल सकता है। किसी भी प्रकार के मनवांछित फल प्राप्त करने के लिए यदि दुर्गा माँ को प्रतिदिन ग्यारह गुलाब के फूल चढ़ाये जाएं तो इससे भी आपको बेहद लाभ मिल सकता है। आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए यदि लक्ष्मी माता और विष्णु जी को पांच गुलाब के फूल अर्पित किये जाएं तो आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। गेंदा: गेंदे का फूल मुख्य रूप से बृहस्पति ग्रह के प्रभाव को शुभ बनाता है। रोजाना यदि एक गेंदे के फूल को गंगाजल के साथ पीसकर उसके लेप को माथे पर लगाया जाए तो इससे आप दूसरों को प्रभावित कर पाने में सफल हो सकते हैं। इसके साथ ही लक्ष्मीनारायण को रोजाना गेंदे के फूल की दो माला चढ़ाने से आपको वैवाहिक जीवन में सफलता प्राप्त हो सकती है। गुड़हल: ऐसी मान्यता है की इस फूल का प्रयोग आप जीवन में महावरदान पाने के लिए कर सकते हैं। जीवन में अपने मन के अनुसार फल पाने के लिए रोजाना 25 गुड़हल फूलों की माला माँ दुर्गा को चढ़ाने से लाभ मिल सकता है। यदि आप जीवन में शत्रुओं से परेशान हैं तो काली माँ को रोजाना पांच गुड़हल फूल की माला चढ़ाने से शत्रुओं से मुक्ति पा सकते हैं। आक: सोमवार के दिन विशेष रूप से आक का फूल शिवजी को चढ़ाने से आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही यदि बुध ग्रह के हानिकारक प्रभाव से ग्रसित हों तो बुधवार के दिन गणेश जी को पांच आक के फूल जरूर अर्पित करें।
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यदि आप Rich बनने का सपना देखते हैं, तो अपनी जन्म कुण्डली में इन ग्रह योगों को देखकर उसी अनुसार अपने प्रयासों को गति दें।

१ यदि लग्र का स्वामी दसवें भाव में आ जाता है तब जातक अपने माता-पिता से भी अधिक धनी होता है।

२ मेष या कर्क राशि में स्थित बुध व्यक्ति को धनवान बनाता है।

३ जब गुरु नवे और ग्यारहवें और सूर्य पांचवे भाव में बैठा हो तब व्यक्ति धनवान होता है।

४ शनि ग्रह को छोड़कर जब दूसरे और नवे भाव के स्वामी एक दूसरे के घर में बैठे होते हैं तब व्यक्ति को धनवान बना देते हैं।

५ जब चंद्रमा और गुरु या चंद्रमा और शुक्र पांचवे भाव में बैठ जाए तो व्यक्ति को अमीर बना देते हैं।

६ दूसरे भाव का स्वामी यदि ८ वें भाव में चला जाए तो व्यक्ति को स्वयं के परिश्रम और प्रयासों से धन पाता है।

७ यदि दसवें भाव का स्वामी लग्र में आ जाए तो जातक धनवान होता है।

८ सूर्य का छठे और ग्यारहवें भाव में होने पर व्यक्ति अपार धन पाता है। विशेषकर जब सूर्य और राहू के ग्रहयोग बने।

९ छठे, आठवे और बारहवें भाव के स्वामी यदि छठे, आठवे, बारहवें या ग्यारहवे भाव में चले जाए तो व्यक्ति को अचानक धनपति बन जाता है।

१० यदि सातवें भाव में मंगल या शनि बैठे हों और ग्यारहवें भाव में शनि या मंगल या राहू बैठा हो तो व्यक्ति खेल, जुंए, दलाली या वकालात आदि के द्वारा धन पाता है।

११ मंगल चौथे भाव, सूर्य पांचवे भाव में और गुरु ग्यारहवे या पांचवे भाव में होने पर व्यक्ति को पैतृक संपत्ति से, खेती से या भवन से आय प्राप्त होती है, जो निरंतर बढ़ती है।

१२ गुरु जब कर्क, धनु या मीन राशि का और पांचवे भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो व्यक्ति पुत्र और पुत्रियों के द्वारा धन लाभ पाता है।

१३ राहू, शनि या मंगल और सूर्य ग्यारहवें भाव में हों तब व्यक्ति धीरे-धीरे धनपति हो जाता है।

१४ बुध, शुक और शनि जिस भाव में एक साथ हो वह व्यक्ति को व्यापार में बहुत ऊंचाई देकर धनकुबेर बनाता है

१५ दसवें भाव का स्वामी वृषभ राशि या तुला राशि में और शुक्र या सातवें भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो व्यक्ति को विवाह के द्वारा और पत्नी की कमाई से बहुत धन लाभ होता है।

१६ शनि जब तुला, मकर या कुंभ राशि में होता है, तब आंकिक योग्यता जैसे अकाउण्टेट, गणितज्ञ आदि बनकर धन अर्जित करता है।

१७ बुध, शुक्र और गुरु किसी भी ग्रह में एक साथ हो तब व्यक्ति धार्मिक कार्यों द्वारा धनवान होता है। जिनमें पुरोहित, पंडित, ज्योतिष, प्रवचनकार और धर्म संस्था का प्रमुख बनकर धनवान हो जाता है।

१८ कुण्डली के त्रिकोण घरों या चतुष्कोण घरों में यदि गुरु, शुक्र, चंद्र और बुध बैठे हो या फिर ३, ६ और ग्यारहवें भाव में सूर्य, राहू, शनि, मंगल आदि ग्रह बैठे हो तब व्यक्ति राहू या शनि या शुक या बुध की दशा में अपार धन प्राप्त करता है।

१९ गुरु जब दसर्वे या ग्यारहवें भाव में और सूर्य और मंगल चौथे और पांचवे भाव में हो या ग्रह इसकी विपरीत स्थिति में हो व्यक्ति को प्रशासनिक क्षमताओं के द्वारा धन अर्जित करता है।

२० यदि सातवें भाव में मंगल या शनि बैठे हों और ग्यारहवें भाव में केतु को छोड़कर अन्य कोई ग्रह बैठा हो, तब व्यक्ति व्यापार-व्यवसार द्वारा अपार धन प्राप्त करता है। यदि केतु ग्यारहवें भाव में बैठा हो तब व्यक्ति विदेशी व्यापार से धन प्राप्त करता है।

Astrologer Archana kapoor 

 

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रावण संहिता के प्राचीन तांत्रिक उपाय, जो चमका सकते है आपकी किस्मत हम बात करेंगे रावण संहिता के प्राचीन तांत्रिक उपाय, जो चमका सकते है आपकी किस्मत रावण एक असुर था, लेकिन वह सभी शास्त्रों का जानकार और प्रकाण्ड विद्वान भी था। रावण ने ज्योतिष और तंत्र शास्त्र संबंधी ज्ञान के लिए रावण संहिता की रचना की थी।रावण संहिता में ज्योतिष और तंत्र शास्त्र के माध्यम से भविष्य को जानने के कई रहस्य बताए गए हैं। इस संहिता में बुरे समय को अच्छे समय में बदलने के लिए भी चमत्कारी तांत्रिक उपाय बताए हैं। जो भी व्यक्ति इन तांत्रिक उपायों को अपनाता है उसकी किस्मत बदलने में अधिक समय नहीं लगता है। रावण एक असुर था, लेकिन वह सभी शास्त्रों का जानकार और प्रकाण्ड विद्वान भी था। रावण ने ज्योतिष और तंत्र शास्त्र संबंधी ज्ञान के लिए रावण संहिता की रचना की थी। रावण संहिता में ज्योतिष और तंत्र शास्त्र के माध्यम से भविष्य को जानने के कई रहस्य बताए गए हैं। इस संहिता में बुरे समय को अच्छे समय में बदलने के लिए भी चमत्कारी तांत्रिक उपाय बताए हैं। जो भी व्यक्ति इन तांत्रिक उपायों को अपनाता है उसकी किस्मत बदलने में अधिक समय नहीं लगता है। .
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