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posted Aug 24 by Rakesh Periwal

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*क्या आप भी किसी की वर्षों की मेहनत का शुल्क देने से बचते है।* आपको लगता है क्यों कोई ज्योतिष या वास्तु सलाहकार अपनी थोड़ी सी सेवा के लिये पैसे लेते है ,,। क्यों यह दक्षिणा शुल्क लेते है ? और क्यो होना चाहिये..? समझते है एक उदाहरण से
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सभी ग्रहों में से शुक्र ग्रह को सबसे चमकीला ग्रह माना जाता है, जो प्रेम का प्रतीक होता है। जहाँ शास्त्रों अनुसार शुक्र को असुरों के देवता शुक्राचार्य बताया गया है, तो वहीं ज्योतिष विज्ञान में इसे स्त्री गृह माना गया है। शुक्र मनुष्य की कामुकता, उसके सौंदर्य, भौतिक सुख और ऐश्वर्य का कारक प्राप्त होता है। जिसके कारण जिस भी जातक की कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति में या मजबूत होता है तो उसके परिणामस्वरूप जातक व्यक्तित्व से आकर्षक, सुंदर और मनमोहक होता है। शुक्र के सकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति जीवनभर सुखी रहता है। इसीलिए शुक्र को सुंदरता और सुख का कारक माना जाता है। कुंडली में शुक्र की स्थिति का प्रभाव सौरमंडल के सभी ग्रहों में से शुक्र की चमक एवं शान सबसे अलग व निराली मानी जाती है, जिस कारण हर किसी की राशि में शुक्र की स्थिति का खासा महत्व होता है। इसके विपरीत जिस भी कुंडली में शुक्र निर्बल या कमज़ोर होता है तो ज्योतिषी अनुसार वो व्यक्ति शुक्र की आराधना कर उसे अपनी राशि में बलवान बनाकर उनसे सुख व ऐश्वर्य की प्राप्ति कर सकता है। शुक्र की शान्ति के लिए करें कुछ विशेष उपाय जैसा सभी जानते हैं कि आज हम अपने जीवन में सुख-सुविधाओं की वस्तुओं पर अधिक खर्च करते हैं, जिसका संबंध सीधे तौर पर शुक्र से होता है। इसलिए ही कहा गया है कि यदि अपने स्थान परिवर्तन के दौरान शुक्र की स्थिति किसी भी कुंडली में खराब या नकारात्मक हो जाती है या कोई भी अपने जीवन को ऐश्वर्य और आराम से भरपूर बनाना चाहते हैं तो उस व्यक्ति को विशेष तौर से शुक्र के कारगर उपाय करने चाहिए। शुक्र का गोचर ऐसे में शुक्र देव हमेशा की तरह एक बार पुनः अपना राशि परिवर्तन करते हुए अपने शत्रु ग्रहण सूर्य की राशि सिंह से निकलकर अपने मित्र ग्रह बुध की राशि कन्या में अपना स्थान परिवर्तन करने वाले हैं। जिसके चलते शुक्र मंगलवार, 10 सितंबर 2019 को 01:24 बजे कन्या राशि में गोचर करेगा जो वहां 4 अक्टूबर 2019 तक इसी राशि में स्थित रहेगा। इसलिए इससे करीब-करीब हर राशि प्रभावित होंगी। अशुभ शुक्र के लिए अवश्य करें ये काम वैदिक ज्योतिष में अशुभ शुक्र की शांति के लिए जातक को उससे संबंधित कारगर उपाय करने की सलाह दी गई है। अपनी राशि में शुक्र की मज़बूती के लिए कुछ विशेष वस्तुओं का दान करना चाहिए। जिसमें चाँदी, चावल, दूध, श्वेत वस्त्र आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा शुक्र के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए जातक को हर शुक्रवार दुर्गाशप्तशती का पाठ करना भी उचित माना गया है। कन्या पूजन एवं शुक्रवार का व्रत करने से भी शुक्र के शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शुक्र को बली या मजबूत करने के लिए जातक को अच्छी क्वालिटी का हीरा धारण करना चाहिए। इसके साथ ही यदि किसी कारणवश हीरा पहनना संभव न हो तो व्यक्ति अर्किन, सफेद मार्का, ओपल, स्फटिक आदि किसी भी शुभ वार, शुभ नक्षत्र और शुभ लग्न में धारण कर सकता है। हर शुक्रवार शुक्र देव की पूजा के दौरान शुक्र के बीज मंत्र का जाप करना भी शुभ माना गया है ॐ शुं शुक्राय नमः। ॐ हृीं श्रीं शुक्राय नमः। शुक्र की शान्ति के लिए कारगर तांत्रिक उपाय काली चींटियों को चीनी खिलाना शुक्र से शुभ फलों की प्राप्ति हेतु बेहद कारगर होता है। शुक्रवार के दिन सफेद गाय को आटा खिलाना भी शुभ होता है। शुक्र को प्रबल बनाने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को सफेद वस्त्र एवं सफेद मिष्ठान्न का दान करें जिसकी एक आँख खराब हो। 10 वर्ष से कम आयु की कन्याओं का हर शुक्रवार पूजन करें। घर के फर्श पर और रसोई घर में सफेद पत्थर लगाएँ। किसी कन्या के विवाह में कन्यादान से भी शुक्र के शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शुक्र देव से जुड़े कुछ विशेष मंत्र जीवन में आर्थिक संपन्नता, प्रेम और आकर्षण में वृद्धि हेतु जातक को शुक्र के बीज मंत्र “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” का उच्चारण करने की सलाह दी जाती है। इस मन्त्र का कम से कम 16000 बार उच्चारण करने से मान्यता अनुसार शुक्र के गोचर के दौरान उसके अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाई जा सकती है। इसके अलावा देश-काल-पात्र सिद्धांत के अनुसार शुक्र के अशुभ प्रभावों को कम करने और राशि में उसके शुभ फलों की प्राप्ति के लिए इस बीज मंत्र का 64000 बार जाप करना चाहिए। इसके अलावा शुक्र को शांत करने के लिए “ॐ शुं शुक्राय नमः।” मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। *********
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हिन्दू धर्म में यूँ तो ऐसी बहुत सी बातें हैं जिसका पालन हर किसी को करना चाहिए लेकिन उनमें से भी कुछ ही ऐसी बातें होती है जिसका पालन लोग कर पाते हैं। लेकिन जब बात आती है ईश्वर भक्ति की तो विशेष रूप से इस दौरान भूलकर भी कोई ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए जिसके दुष्परिणाम आपको बाद में झेलने पड़े। पूजा पाठ के लिए अक्सर लोग कुछ ख़ास बर्तनों का प्रयोग करते हैं, आज कल बहुत से ऐसे भी लोग हैं जो पूजा के लिए स्टील के बर्तनों का प्रयोग करते हैं, जबकि उन्हें ऐसा भूलकर भी नहीं करना चाहिए। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों स्टील के बर्तनों को पूजा पाठ के लिए वर्जित माना जाता है। आइये जानते हैं क्या है इसके पीछे की मुख्य वजह। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा पाठ के लिए हर किसी को ख़ास नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। खासतौर से जो नियम हमारे शास्त्रों में बताये गए हैं उसकी अवहेलना भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। ईश्वर की पूजा अर्चना के लिए विशेष रूप से स्टील के बर्तनों का प्रयोग वर्जित माना गया है। माना जाता है कि ईश्वर की पूजा के लिए प्रयोग किये जाने वाले विभिन्न धातुओं का अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। पूजा के लिए इन धातुओं के बर्तनों का प्रयोग वर्जित माना जाता है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विशेष रूप से हिन्दू धर्म में पूजा पाठ के दौरान स्टील, एल्मुनियम और लोहे के बर्तनों का प्रयोग वर्जित माना जाता है। अगर आप इन धातु से बने ईश्वर की मूर्ती की भी पूजा करते हैं तो उसका फल आपको ना के बराबर ही मिलता है। आपके मन में ये सवाल जरूर उठ रहा होगा की आखिर इस धातु के बर्तनों को अशुभ क्यों माना जाता है। बता दें कि स्टील के बर्तन मानव निर्मित होते हैं इसलिए उसका प्रयोग वर्जित माना गया है। एल्मुनियम के बर्तनों में जल्द कालिख लग जाती है इसलिए उसे भी वर्जित माना जाता है। बात रही लोहे के बर्तनों की तो उनमें जंग लग जाने की वजह से पूजा के प्रयोग के लिए वर्जित माना गया है। पूजा के लिए इन बर्तनों का प्रयोग माना जाता है शुभ हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा पाठ के लिए जिन बर्तनों को शुभ माना जाता है वो खासतौर से प्राकृतिक धातु के बने होने चाहिए। इसलिए पूजा के दौरान पीतल, तांबा, सोना और चांदी के बर्तनों का प्रयोग करना शुभ फलदायी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि ईश्वर को प्रसाद चढ़ाने या जलाभिषेक करते समय केवल इन्हीं धातुओं से बने बर्तनों का प्रयोग करना चाहिए। बहरहाल अब आप जान चुके होंगें की आखिर क्यों स्टील आदि के धातुओं का प्रयोग पूजा-पाठ के दौरान करना वर्जित माना जाता है। अगर आप भी आजतक पूजा के लिए स्टील के बर्तनों का प्रयोग करते आ रहे हैं तो इसे तत्काल रूप से बंद कर दें।
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