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Daily knowledge of subhashini

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*परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।* *धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥* *साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की यथार्थ स्थापना करने के लिए मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूँ॥* *In order to save the saintly men, to destroy those who commit sinful acts, and to establish the truth religion, I have appeared in every age.* *ॐ हरि ॐ, प्रणाम, जय सीताराम*
posted Oct 5, 2019 by anonymous

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धॄति: क्षमा दमोऽस्तेयं शौचमिन्द्रियनिग्रह:। धीर्विद्या सत्यमक्रोधो दशकं धर्मलक्षणम्॥ There are ten characteristics of 'Dharma' - patience, forgiveness, self-control, non- stealing, purity, control of senses, intelligence, knowledge, truth, non-anger. धर्म के दस लक्षण हैं - धैर्य, क्षमा, आत्म-नियंत्रण, चोरी न करना, पवित्रता, इन्द्रिय-संयम, बुद्धि, विद्या, सत्य और क्रोध न करना॥ *ॐ हरि ॐ, प्रणाम, जय सीताराम*
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*प्रत्येक का विश्वास स्वयं की प्रकृति के अनुसार है।* *भगवत गीता* *प्रत्येकाचा विश्वास स्वतःच्या स्वभावानुसार असतो.* *The faith of each is in accordance with own nature.* *ॐ हरि ॐ, प्रणाम, जय सीताराम*
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*को हि भारः समर्थानां किं दूर व्यवसायिनाम्।* *को विदेश सुविद्यानां को परः प्रियवादिनम्॥* भावार्थ : *सामर्थ्यवान व्यक्ति को कोई वस्तु भारी नहीं होती । व्यपारियों के लिए कोई जगह दूर नहीं होती । विद्वान के लिए कहीं विदेश नहीं होता । मधुर बोलने वाले का कोई पराया नहीं होता।* *हरि ओम्, प्रणाम, जय सीताराम*
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तं विद्याद् दु::खसंयोगवियोगं योगसञ्ज्ञितम् । स निश्चयेन योक्तव्यो योगोsनिर्विण्णचेतसा ।। जो दुःखरूप संसार के संयोग से रहित है तथा जिसका नाम योग है, उसको जानना चाहिये । वह योग उत्साहयुक्त चित्र से निश्चय पूर्वक करना कर्तव्य है। Srimad Bhagwad Gita, Chapter-6/23 Let this state of disassociation with pain be understood by the name Yoga. The yoga should be practised with determination and without desperation. *ॐ हरि ॐ,प्रणाम,जय सीता राम*
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*यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।* *स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते।।* *श्रेष्ठ पुरुष जो-जो आचरण करता है, अन्य पुरुष भी वैसा-वैसा ही आचरण करते हैं। वह जो कुछ प्रमाण कर देता है, समस्त मनुष्य-समुदाय उसी के अनुसार बरतने लग जाता है।* *Whatever the superior man conducts, other men also behave in the same manner. Whatever he proves, the whole human community starts to act accordingly.* *ॐ हरि ॐ, प्रणाम, जय सीताराम*
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