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Basic Astrology

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Basic information about Astrology
posted Oct 11, 2019 by Rakesh Periwal

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Sir mene 1 question career regarding pucha that aur 236 rs pay Kiya h aapke app me pr na to ye transaction me show ho ra h na muje kuch reply aaya plz kuch kijiye

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Simple Basic of Jyotish shastras 1. If there is malefic planet is in 2nd house from any house or badly afflicted house by malefic aspects the house we will get those things in life but we will never be able to sustain it 2. Malefic or enemy planet in 2nd and 12th to any planet or house then the significance of the planet and house get locked we have to put 10 times extra efforts to achieve them 3. Friendly planet or sign lord placed in 2nd house the result flows smooth 4. Friendly planet or sign lord in 12th but malefic or enemy in next we get the things but it goes away later 5. Friendly planet or sign lord in 2nd but malefic or enemy in 12th then after much efforts we get the signification but later we enjoy the significance a lot 6. House it self afflicted but good planet in 2nd and 12th we lack desire for that things but still have it 7. House is afflicted plus malefic in 2nd and 12th forget the things u will never have it
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बुधवार के दिन एक अमरूद का पौधा लेकर भगवान गणेश के सामने रखें. श्रीगणेश के चरणों में देसी घी का दीपक जलाएं. इसके बाद उस अमरूद के पौधे को किसी मिट्टी के गमले में लगा दें और उसकी देखभाल करें. जब इस पौधे पर पहला फल आए तो उस फल को भगवान गणेश को अर्पित कर दें. माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान गणेश सभी दुख दूर करते हैं. इसके अलावा समय के साथ साथ सभी कष्ट धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं. इस अमरूद के पौधे को भगवान गणेश के सामने रखकर 'गं हं क्लौं ग्लौं उच्छिष्टगणेशाय महायक्षायायं बलिः' मंत्र का जाप भी करें.
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एकादशी के दिन भगवान विष्णु के अवतारों की पूजा विधि-विधान से की जाती है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। साथ ही इस दिन दान करने हजारों यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है। इस दिन निर्जला व्रत रहा जाता है। जो लोग इस दिन व्रत नही रख पाते। वह लोग सात्विक का पालन करते है यानी कि इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, मछली, अंडा नहीं खाएं और झूठ, ठगी आदि का त्याग कर दें। साथ ही इस दिन चावल और इससे बनी कोई भी चीज नहीं खानी चाहिए। हम पुराने जमाने से यह बात सुनते चले आ रहे कि एकादशी के दिन चावल और इससे बनी कोई भी चीज नही खाई जाती है। लेकिन इसके पीछे सच्चाई क्या है यह नहीं जानते हैं। जब भी हम यह बात सुनते होंगे कि आज एकादशी है और आज चावल नहीं खाए जाते है, तो हमारे दिमाग में एक ही बात है कि ऐसा क्यों है, जानिए इसके पीछे क्या रहस्य है। शास्त्रों में चावल का संबंध जल से किया गया हैं और जल का संबंध चंद्रमा से है। पांचों ज्ञान इन्द्रियां और पांचों कर्म इन्द्रियों पर मन का ही अधिकार है। मन और श्वेत रंग के स्वामी भी चंद्रमा ही हैं, जो स्वयं जल, रस और भावना के कारक हैं, इसीलिए जलतत्त्व राशि के जातक भावना प्रधान होते हैं, जो अक्सर धोखा खाते हैं। एकादशी के दिन शरीर में जल की मात्रा जितनी कम रहेगी, व्रत पूर्ण करने में उतनी ही अधिक सात्विकता रहेगी। चंद्रमा मन को अधिक चलायमान न कर पाएं, इसीलिए व्रती इस दिन चावल खाने से परहेज करते हैं। एकादशी के दिन चावल न खाने के पीछें वैज्ञानिक तथ्य भी है। इसके अनुसार चावल में जल की मात्रा अधिक होती है। जल पर चन्द्रमा का प्रभाव अधिक पड़ता है। चावल खाने से शरीर में जल की मात्रा बढ़ती है इससे मन विचलित और चंचल होता है। मन के चंचल होने से व्रत के नियमों का पालन करने में बाधा आती है। एकादशी व्रत में मन का निग्रह और सात्विक भाव का पालन अति आवश्यक होता है इसलिए एकादशी के दिन चावल से बनी चीजे खाना वर्जित कहा गया है।
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