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अपने शुभ अंको के हिसाब से ख़रीदे माकन , वाहन और मोबाइल नंबर

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अपने शुभ अंको के हिसाब से ख़रीदे माकन , वाहन और मोबाइल नंबर अंक शास्त्र में नौ अंक है और उन सबके एक स्वामी ग्रह है ,अंक शास्त्र में 0 (शून्य) को कोई महत्व नहीं दिया गया। इस शास्त्र में इकाई 1 से 9 तक के अंको का विश्लेषण करते हुए भविष्य कथन किया जाता है जैसे - अंक 1 का स्वामी ग्रह सूर्य होता है. अंक 2 का स्वामी ग्रह चंद्रमा होता है। अंक 3 का स्वामी ग्रह बृहस्पति होता है। अंक 4 का स्वामी ग्रह यूरेनस अथवा राहु को माना गया है। अंक 5 का स्वामी ग्रह बुध है। अंक 6 का स्वामी ग्रह शुक्र है। अंक 7 का स्वामी ग्रह नेप्च्यून अथवा केतु को माना जाता है। अंक 8 का स्वामी ग्रह शनि है। अंक 9 का स्वामी ग्रह मंगल है। मूलांक के अनुसार शुभ दिन: मूलांक दिन 1 रविवार 2 सोमवार 3 गुरुवार 4 शनिवार 5 बुधवार 6 शुक्रवार 7 रविवार 8 शनिवार 9 मंगलवार जीवन में अंकों का गहरा प्रभाव होता है कई बार अशुभ नंबर से जीवन में अनेक परेशानियां उठानी पड़ती है यो चाहे आप के घर , दुकान , गाडी अथवा मोबाइल का नंबर अगर आप के मूलांक के अनुसार शुभ नहीं है तो आप के लिए परेशानी पैदा कर सकता है इस लेख के माध्यम से आप सब को अपने मूलांक के आधार पर शुभ और अशुभ अंक बताने का प्रयास कर रहा हूँ आशा है की आप सब को इसका लाभ मिलेगा , जन्म की तारीख का कुल योग मूलांक कहलाता है और जन्म , महीना और वर्ष का कुल योग भाग्यांक कहलाता है , 2015 का कुल योग हुआ 8 और इस अंक के स्वामी है शनि देव है किसी व्यक्ति का मूलांक और भाग्यांक अलग-अलग हों तो ऐसी स्थिति में जीवन की घटनाओं का विश्लेषण करते हुए यह देखना चाहिए कि कौन सा मूलांक अधिक शुभप्रद रहा है। फिर उसी के अनुरूप वाहन के नंबर का चयन करना चाहिए। जानिए किस मूलांक और भाग्यांक के जातक के लिए कौन सा अंक और रंग शुभ रहेगा मूलांक या भाग्यांक 1: जिन लोगों का जन्म 1,10,19 या 28 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 1 होगा। 1 मूलांक या भाग्यांक वाले व्यक्ति को 1, 2, 4 और 7 मूलांक वाले वाहन रखने चाहिए । 1 मूलांक या भाग्यांक वाले किसी व्यक्ति को 6 या 8 मूलांक वाला वाहन नहीं रखना चाहिए। इन्हें पीले, सुनहरे अथवा क्रीम रंग का वाहन क्रय करना चाहिए, नीले, भूरे, बैंगनी या काले रंग का वाहन नहीं। मूलांक या भाग्यांक 2: जिन लोगों का जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 2 होगा। 2 मूलांक वाले किसी व्यक्ति को 1,2,4 और 7 मूलांक वाला वाहन रखना चाहिए। इसके लिए मूलांक 9 वाला वाहन अशुभ होगा। ऐसे लोग सफेद अथवा हल्के हरे रंग का वाहन क्रय करें लाल और गुलाबी रंग का नहीं। मूलांक या भाग्यांक 3: जिनका जन्म 3,12,21 या 30 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 3 होगा। ऐसे लोग 3,6 या 9 मूलांक वाला वाहन रखें, 5 या 8 वाला वाहन अशुभ सिद्ध हो सकता है। 3 मूलांक वालों को पीले, बैंगनी, नीले या गुलाबी रंग का वाहन खरीदना चाहिए, हल्के हरे, सफेद या भूरे रंग का वाहन नहीं। मूलांक या भाग्यांक 4: जिन व्यक्ति का जन्म 4,13,22 या 31 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 4 होगा। इन्हें 4, 1, 2 या 7 मूलांक वाला वाहन रखना चाहिए। ऐसे लोगों के लिए मूलांक 9, 6 और 8 वाला वाहन अशुभ होगा। नीले या भूरे रंग का वाहन क्रय करना ऐसे लोगों के लिए शुभ होगा, गुलाबी या काले रंग का नहीं। मूलांक या भाग्यांक 5: 5, 14 या 23 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 5 होगा, ऐसे लोगों को 5 मूलांक वाले वाहन रखने चाहिए, 3, 8 या 9 मूलांक वाले वाहन अशुभ साबित होंगे। ऐसे लोग हल्के हरे, सफेद या भूरे रंग का वाहन रखें, पीले, गुलाबी या काले रंग का नहीं। मूलांक या भाग्यांक 6: जिन व्यक्ति का जन्म 6, 15 एवं 24 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 6 होगा। इन्हें 3, 6 या 9 मूलांक वाला वाहन रखना चाहिए। 8 या 4 मूलांक वाला वाहन इनके लिए अशुभ होगा। इन्हें हल्के नीले, गुलाबी या पीले रंग का वाहन क्रय करना चाहिए, काले रंग का वाहन अनिष्टकर हो सकता है। मूलांक या भाग्यांक 7: तारीख 7,16 या 25 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। मूलांक या भाग्यांक 7 वाले व्यक्ति को मूलांक 7,1,2 या 4 वाला वाहन रखना चाहिए। 8 या 9 मूलांक वाला वाहन इनके लिए अशुभ होगा। वाहन नीले या सफेद रंग का हो तो शुभ रहेगा। मूलांक या भाग्यांक 8: जिन लोगों का जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 8 होगा। इस मूलांक वालों को 8 मूलांक वाला वाहन खरीदना चाहिए और 1 और 4 मूलांक वाले वाहन से परहेज करना चाहिए। काले, नीले, भूरे एवं बैंगनी रंगों के वाहन रखना इनके लिए उपयुक्त होगा। मूलांक या भाग्यांक 9: तारीख 9, 18 यां 27 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 9 होगा। ऐसे लोगों के लिए 9, 3 या 6 मूलांक वाला वाहन शुभ और 5 या 7 मूलांक वाला अशुभ होगा। वाहन का रंग लाल या गुलाबी रखें तो शुभ हो।

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ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय
9450537461
posted Sep 15, 2017 by anonymous

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होली का त्‍योहार बुराई पर अच्‍छाई की जीत का प्रतीक है. होली में जितना महत्‍व रंगों का है उतना ही महत्‍व होलिका दहन का भी है. रंग वाली होली से एक दिन पहले होली जलाई जाती है, जिसे होलिका दहन कहते हैं. होलिका दहन की तैयारी कई दिन पहले शुरू हो जाती हैं. सूखी टहनियां, लकड़ी और सूखे पत्ते इकट्ठा कर उन्‍हें एक सार्वजनिक और खुले स्‍थान पर रखा जाता है,पूर्णिमा की तिथि पर सूर्य अस्त होने के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन की अग्नि को पवित्र माना जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत की अग्नि होती है। कुछ लोग इस अग्नि में नई फसल को भूनकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं और भगवान की पूजा की जाती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। इस शुभ दिन पर कुछ लोग भगवान के प्रति आस्था मजबूत करने के लिए व्रत भी रखते हैं और कथा पढ़ते हैं।होलिका दहन के साथ ही बुराइयों को भी अग्नि में जलाकर खत्‍म करने की कामना की जाती है.   होलिका दहन कब है? हिन्‍दू पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात्रि ही होलिका दहन किया जाता है. यानी कि रंग वाली होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है. इस बार होलिका दहन 9 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 10 मार्च को है. होलिका दहन के बाद से ही मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं. मान्‍यता है कि होली से आठ दिन पहले तक भक्त प्रह्लाद को अनेक यातनाएं दी गई थीं. इस काल को होलाष्टक कहा जाता है. होलाष्टक में मांगलिक कार्य नहीं होते हैं. कहते हैं कि होलिका दहन के साथ ही सारी नकारात्‍मक ऊर्जा समाप्‍त हो जाती है. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त  जानते हैं कि होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या है और इस मौके शुभ मुहूर्त देखने के लिए दो बातों को ध्यान रखा जाता है.  पहला, उस दिन “भद्रा” न हो। दूसरा, पूर्णिमा प्रदोषकाल-व्यापिनी होनी चाहिए। सरल शब्दों में कहें तो उस दिन सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्तों में पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए। इस बार 9 मार्च 2020 सोमवार को होलिका दहन के समय भद्राकाल की बाधा नहीं रहेगी। फाल्गुन माह की पूर्णिमा यानी होलिका दहन के दिन भद्राकाल सुबह सूर्योदय से शुरू होकर दोपहर करीब डेढ़ बजे ही खत्म हो जाएगा।  इसलिए शाम को प्रदोषकाल में होलिका दहन के समय भद्राकाल नहीं होने से होलिका दहन शुभ फल देने वाला रहेगा। जिससे रोग, शोक और दोष दूर होंगे।9 मार्च 2020 को सुबह 3 बजकर 3 मिनट से पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी 9 मार्च को सोमवार है और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है वहीं पूर्णिमा तिथि सोमवार को होने से चंद्रमा का प्रभाव ज्यादा रहेगा। क्योंकि ज्योतिष के अनुसार सोमवार को चंद्रमा का दिन माना जाता है। इसके साथ ही स्वराशि धनु में स्थित देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि चंद्रमा पर रहेगी। जिससे गजकेसरी योग का प्रभाव रहेगा।इस बार होली भद्रा रहित, ध्वज एवं गजकेसरी योग भी बन रहा है। इसके बाद 10 मार्च को रंग वाली होली में त्रिपुष्कर योग बनेगा। इस साल होली पर गुरु और शनि का विशेष योग बन रहा है। ये दोनों ग्रह अपनी-अपनी राशि में रहेंगे।  तो इस बार होली का यह पावन पर्व ग्रहों के शुभ संयोग के कारण शुभ फलदाई मानी गई है होलिका दहन का शुभ मुहूर्त  होलिका दहन की तिथि: 9 मार्च 2020 पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 9 मार्च 2020 को सुबह 3 बजकर 3 मिनट से  पूर्णिमा तिथि समाप्‍त: 9 मार्च 2020 को रात 11 बजकर 17 मिनट तक  होलिका दहन मुहूर्त: शाम 6 बजकर 26 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक होली का दहन की महिमा रंग वाली होली से भी ज्यादा मानी गई है .भारतीय परंपरा में पुराने साल को विदाई देते हुए नए साल के आगमन की खुशियां मनाई जाती है पुराना साल जिसे संवत कहते हैं को विदाई देने के लिए होली का पावन पर्व मनाया जाता है इसलिए होलिका दहन को संवत जलाना भी कहते चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से जब नवरात्रि शुरू होते हैं तो भारतीय नव संवत की शुरुआत हो जाती है होलिका की अग्नि में पुराने साल और संवत की यादों को समस्याओं को परेशानियों को जलाते हुए जीवन की सारी पुरानी साल की मुश्किलों से निजात पाया जाता है माना जाता है कि इस राख को घर पर लाकर उससे अपने सभी परिवार के लोग अपने माथे पर तिलक करें तो निश्चित ही पिछले साल की सारी नकारात्मकता खत्म हो जाती है पुराने साल की विदाई और नए साल की खुशियां बनाने के साथ-साथ होलिका दहन के पर्व पर किसी भी तरह की आर्थिक समस्या व मानसिक परेशानी हो धन संबंधी समस्याओं से लेकर स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है.. ज्योतिष के हिसाब से कुछ ऐसे उपाय होते हैं जिन्हें अगर आप होलिका दहन के अवसर पर करें और होलिका के जलने के साथ उन चीजों को अग्नि में डाले तीन बार परिक्रमा करते हुए प्रार्थना करें तो आपकी प्रार्थना जरूर पूरी होती है तो चलिए उन्हीं सभी छोटे-छोटे उपायों की बात करते हैं 1. बीमारी से मुक्ति के लिए और सेहत में लाभ के लिए अच्छा स्वास्थ्य पाने के लिए इस दिन एक मुट्ठी काले तिल होलिका की अग्नि में डाले ,कोई बीमारी से मुक्ति पाना चाहता है तो हरी इलायची और कपूर डालें तीन परिक्रमा करते हुए बीमारी से मुक्ति की प्रार्थना करें 2. धन प्राप्ति के लिए और किसी भी तरह की आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं. तू होली के दिन एक छोटी सी चंदन की लकड़ी होली की अग्नि में डाल देतीन बार परिक्रमा करते हुए प्रार्थना करें 3. अगर किसी को रोजगार की समस्या है यह व्यापार या व्यवसाय में परेशानी आ रही है तो इसके लिए एक मुट्ठी पीली सरसों के दाने होलिका की अग्नि में डालें निश्चित ही व्यापार संबंधी रोजगार संबंधी सारी समस्याएं दूर होंगी 4. अगर किसी को विवाह की समस्या आ रही है विवाह नहीं हो पा रहा, वैवाहिक जीवन में परेशानी और दिक्कतें आ रही हैं खुशहाली नहीं है तो उसके लिए हवन सामग्री लेकर जरा सा देसी घी मिलाकर उसे होलिका की अग्नि में डालें तो निश्चित ही जीवन में सभी तरह की समस्याएं दूर होती हैं 5. किसी भी तरह के तंत्र मंत्र नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए एक मुट्ठी काली सरसों को अपने सिर पर से एंटी क्लॉक वाइज 7 बार घुमाकर होली की जलती हुई अग्नि में डाल दिया जाए तो जीवन की सारी नकारात्मकता खत्म हो जाती हैहोलिकादहन करने या फिर उसके दर्शन मात्र से भी व्यक्ति को शनि-राहु-केतु के साथ नजर दोष से मुक्ति मिलती है। होली की भस्म का टीका लगाने से नजर दोष तथा प्रेतबाधा से मुक्ति मिलती है। 6. जिन लोगों को अपनी नाम राशि लग्न राशि नहीं पता यह जिनको अपनी जन्म कुंडली के बारे में ज्ञान नहीं है वह लोग होलिका दहन के दिन गोबर के उपले गेहूं की बालियां और काले तिल लेकर होलिका की जलती अग्नि में डालकर तीन बार परिक्रमा करके प्रार्थना करें तो उनके जीवन में से सभी तरह की समस्याएं विघ्न बाधाएं अपने आप खत्म हो जाते हैं ..और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है 7. किसी को मन संबंधी समस्याएं मानसिक परेशानी है या किसी की कुंडली में चंद्रमा पीड़ित है तो वह होलिका दहन के बाद घर आकर अपने हाथ पैर धोकर अगर चंद्रमा के दर्शन करते हुए चंद्रमा की रोशनी में बैठे और श्री कृष्ण के किसी भी मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय ,ओम क्लीम कृष्णाय नमः, या गीता का पाठ करें तो निश्चित रूप से उनके सभी तरह की मानसिक परेशानियां दूर होने के साथ-साथ जीवन के सभी दिक्कत और परेशानियां खत्म हो जाती है मन मजबूत होता है
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सबसे पहले तो यह समझना चाहिए कि भारत का यह ज्योतिष विज्ञान कितना सदुपयोग करने लायक है आप यह जान लें कि हमारे ऋषि प्रभु पराशर वैदिक ज्योतिष का जो उन्होंने सूत्र दिए वह आज अचंभित करने वाले हैं किसी की जन्म पत्रिका को देखकर यह बताया जा सकता है कि वह किस क्षेत्र में तरक्की करेगा उसको लाभ होगा तो आप भी जानिए क्या आप राजनीति में आप भविष्य बना सकते हैं या आप सेना पुलिस में जाकर देश की सेवा कर सकते हैं या आप वरिष्ठ अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकते हैं या आपकी कुंडली में डॉक्टर बनने के योग हैं या आज के जमाने की तकनीकी कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आप विशेष योग्यता हासिल करके इंजीनियर बन कर अपने भविष्य को संवार सकते हैं इस प्रकार के ग्रह योग आपकी जन्मकुंडली में है अगर आप जान जाते हैं आपके लिए अच्छा होगा तो हमारे यहां फ्यूचर स्टडी ऑनलाइन ऐप के अंदर बहुत सारे विद्वान आपको दिखाई दे रहे हैं इन सभी विद्वानों की नॉलेज वैदिक लाल किताब केपी एस्ट्रोलॉजी फॉर मिस्ट्री वास्तु न्यूमैरोलॉजी एवं पारंपरिक ज्योतिष ज्ञान के साथ आधुनिक समावेश में आपको भविष्य के लिए अच्छी राय मिल सकती है तो हमारे विद्वानों से बात करने के लिए बहुत ही सरल तरीका है अगर आप अनलिमिटेड कॉल पर क्लिक करते हैं तो आपको समय की कोई लिमिट नहीं है बात करने में अन्यथा आप पर मिनट कॉल का ऑप्शन प्रयोग कर सकते हैं और आप अपने लिए भविष्य के लिए अच्छी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
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