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क्यों है ज्योतिष जन्म कुंडली और ग्रह हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण कैसे बचे ग्रहों के बुरे प्रभाव से

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posted Dec 18, 2019 by Deepika Maheshwary

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जातक की कुंडली में होने वाले शनि दोष का मतलब होता है कि यदि किसी जातक की कुंडली में शनि ऐसी जगह पर विराजमान हो, जहां वह जातक के लिए कष्टदायक व नुकसानदायक हो। शनि धीमी चाल से चलते हैं, इसीलिए इनका प्रभाव भी जातक पर लम्बे समय के लिए रहता हैं। जैसे की शनि की साढ़ेसाती (साढ़े सात साल), शनि की ढैय्या (ढाई साल) आदि। वहीं शनि दोष का प्रभाव इतना बुरा होता है कि आसमान पर बैठा व्यक्ति जमीन पर आ जाता है। इसीलिए शनि को क्रूर व् दुष्ट ग्रह भी माना जाता है। लेकिन असल में यह लोगो को केवल उनके बुरे कर्मों के लिए ही दण्डित करते हैं और प्रसन्न होने पर जातक को आसमान की बुलंदियों पर भी पहुंचा सकते हैं। कुंडली में होने वाले शनि दोष से बचने के उपाय... यदि आप भी कुंडली में शनि दोष से परेशान हैं, तो कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल करके आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं। शनिदेव को प्रसन्न करें यह उपाय... कोई भी अनुचित कार्य न करें, चूकिं शनि को न्याय का देवता माना जाता है। अत: यदि आप किसी प्रकार के बुरे कर्मों में शामिल नहीं होते हैं, तो माना जाता है कि शनि अपनी दशा आने पर भी ऐसे लोगों पर न्याय के अनुसार दया बरसाते हैं, न कि कोई दंड देते हैं। इसके अतिरिक्त यदि आपकी कुंडली में ही शनि परेशानी के कारक हैं, या शनि की दशा आपको काफी परेशान कर रही है तो इससे बचने के लिए... शनिवार को करें ये उपाय... : प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर में जाएं। : शनि जी की उपासना करें और उनकी कृपा के लिए प्रार्थना करें। : शनिवार के दिन राई, तेल, उड़द, काला कपड़ा, जूते आदि का दान करना चाहिए। : लोहे की चीजें शनिवार को न खरीदें। : शनि मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। : शनिवार के दिन कटोरी में सरसों का तेल डालकर उसमें अपना चेहरा देखें और उस तेल को दान करें। : शनिवार के दिन अपनी गलतियों के लिए शनिदेव से माफ़ी मांगे। : इसके साथ ही शनि के रत्न नीलम को कभी भी किसी जानकार के कहे बिना धारण न करें, यदि कोई जानकार नीलम धारण करने की सलाह भी दे तो भी उनसे पूरी विधि के साथ ही धारण करने का समय, दिन व किन मंत्रों के साथ धारण करनी है, ये पूरी तरह से समझ कर ही इसे पहनें। हनुमान जी की अराधना शनिवार के दिन आपको हनुमान मंदिर में जाना चाहिए और हनुमान जी के सामने लाल रंग के कपडे पहनकर खड़े होना चाहिए। हाथ जोड़कर हनुमान जी की अराधना करें व हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा हर शनिवार को करें ऐसा करने से भी कुंडली में शनि दोष को खत्म करने में मदद मिलती है। शनि दोष को कम करने के लिए करें पीपल की पूजा पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं। खासकर शनिवार के दिन ऐसा जरूर करें। पीपल के साथ शमी के पेड़ की भी पूजा करें। यह दोनों उपाय शनि दोष के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। शिव उपासना: देती है शनि के प्रकोप से राहत नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। भोलेबाबा की अराधना करें। शिव मंत्रों का उच्चारण करें। ऐसा करने से भी जातक को कुंडली में शनि की दशा को सही करने में मदद मिलती है। पश्चिम दिशा में करें यह उपाय नियमित शाम के समय पश्चिम दिशा की और एक दीपक जरूर जलाएं। और उसके बाद शनि मंत्रो का उच्चारण करें। इससे भी आप पर शनि की कृपा बने रहने में मदद मिलती है। कौवे को रोटी नियमित कौवे को रोटी खिलाएं। चीटियों को आटा खिलाएं। दरवाज़े पर आये गरीब को भूखे पेट न भेजें। यह सभी कर्म भी शनि दोष को कम करने में मदद करते हैं।
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कब बनता है कुंडली में ग्रह मारकेश, अष्टम द्वादश सिद्धांत, 8th to 12th Theory in Horoscope जन्म कुण्डली द्वारा मारकेश का विचार करने के लिए कुण्डली के दूसरे भाव, सातवें भाव, बारहवें भाव, अष्टम भाव आदि को समझना आवश्यक होता है. जन्म कुण्डली के आठवें भाव से आयु का विचार किया जाता है. लघु पाराशरी के अनुसार से तीसरे स्थान को भी आयु स्थान कहा गया है क्योंकि यह आठवें से आठवा भाव है (अष्टम स्थान से जो अष्टम स्थान अर्थात लग्न से तृतीय स्थान आयु स्थान है) और सप्तम तथा द्वितीय स्थान को मृत्यु स्थान या मारक स्थान कहते हैं इसमें से दूसरा भाव प्रबल मारक कहलाता है. बारहवां भाव व्यय भाव कहा जाता है, व्यय का अर्थ है खर्च होना, हानि होना क्योंकि कोई भी रोग शरीर की शक्ति अथवा जीवन शक्ति को कमजोर करने वाला होता है,इसलिये बारहवें भाव से रोगों का विचार किया जाता है. इस कारण इसका विचार करना भी जरूरी होता है. मारकेश की दशा में व्यक्ति को सावधान रहना जरूरी होता है क्योंकि इस समय जातक को अनेक प्रकार की मानसिक, शारीरिक परेशनियां हो सकती हैं. इस दशा समय में दुर्घटना, बीमारी, तनाव, अपयश जैसी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं. जातक के जीवन में मारक ग्रहों की दशा, अंतर्दशा या प्रत्यत्तर दशा आती ही हैं. लेकिन इससे डरने की आवश्यकता नहीं बल्कि स्वयं पर नियंत्रण व सहनशक्ति तथा ध्यान से कार्य को करने की ओर उन्मुख रहना चाहिए.
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हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवार के दिन को शिव जी का दिन माना जाता है। इस दिन किसी भी काम को करने से पहले यदि आप शिव जी का आशीर्वाद ले लें तो आपको लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही साथ जीवन में सुख शांति बरक़रार रखने के लिए सोमवार के दिन शिव जी के कुछ ख़ास उपायों को अपनाकर आप शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आज हम आपको विशेष रूप से सोमवार के दिन शिव जी के कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आजमाकर आप अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। आइये जानते हैं कौन से हैं वो विशेष उपाय। सोमवार के दिन करें शिव जी के ये कारग़र उपाय जैसा की आप सभी जानते हैं कि सोमवार के दिन को शिव जी का दिन माना जाता है इसलिए इस दिन यदि शिव जी के कुछ ख़ास उपाय किये जाएँ तो आपको जीवन में अथाह सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही सावन के सोमवार पर खासतौर से यदि शिव को प्रसन्न किया जाए तो आपका जीवन सुखी और सफल बन सकता है। सोमवार को शिव जी के निम्नलिखित उपायों को आजमाकर आप लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सोमवार के दिन किसी भी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का दूध या जल ये अभिषेक करना आपके लिए शुभ फलदायी साबित हो सकता है। सावन के माह में शिव का अभिषेक करना वैसे भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन शिव जी को सफ़ेद चावल अर्पित करना भी आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। शिव जी को चावल चढ़ाने के बाद उसे गरीबों में जरूर बाँट दें। इस उपाय को करने से जिंदगी में मुसीबतों से छुटकारा मिलता है। सोमवार को जल में काला तिल मिलाकर शिव जी को चढ़ाने से आपको लाभ मिल सकता है। ऐसा करने से पारिवारिक सुखों में वृद्धि होती है। छात्रों को ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि करने के लिए सोमवार के दिन स्फटिक से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। दूध में शक्कर मिलाकर शिव जी का अभिषेक करने से भी आपको अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। सोमवार के दिन गाय के घी से शिव जी का अभिषेक करने से भी आपको जीवन में सफलता और सुख शांति मिल सकती है। शिवलिंग पर सोमवार के दिन गन्ने का रस अर्पित करने से भी आपको जीवन के सभी क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। इस दिन शिव जी की पूजा यदि श्रद्धा पूर्वक किया जाए और उनका अभिषेक शहद से किया जाए, तो इस उपाय को करने से आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से निजात मिल सकता है। सोमवार के दिन शिव जी की पूजा अर्चना करने के साथ ही साथ रूद्र गायत्री मंत्र का जाप करना फलदायी माना जाता है। रूद्र गायत्री मन्त्र इन प्रकार हैं “ॐ तत्पुरुषाय विद्दहे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात “
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