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मेरी ओर से दिया गया गिफ्ट कोड FS497 यूज करें और मुझसे कॉल पर अपनी कुंडली डिस्कस करें।

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मुझसे अपनी कुंडली कॉल पर डिस्कस करने के लिए मेरी ओर से दिया गया यह गिफ्ट कोड। FS497 को यूज करके आपको अपने वॉलेट में 150 रुपए। मिलेंगे। और 7 मिनट तक आप मुझसे अपनी कुंडली कॉल पर डिस्कस कर सकते हैं। अपने कुंडली को लेकर किसी भी तरह का प्रश्न आप मुझसे कॉल पर पूछ सकते हैं। जिसे उपायों सहित आपको बताया जाएगा।

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मेरी ओर से दिया गया गिफ्ट कोड यूज करें और कुंडली कॉल पर डिस्कस करें।
posted Feb 13 by Deepika Maheshwary

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कॉल पर अपनी कुंडली विवेचन के लिए FuturestudyOnline app को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के बाद 100 रुपए वॉलेट मनी तो मिलेगी ही साथ में मेरी ओर से दिया गया यह गिफ्ट कोड "FS497" यूज करने पर ₹50 और मिलने पर आप लोग अपनी कुंडली मुझसे कॉल पर डिस्कस कर सकते हैं! Just Download App Future study online and Register You will get free Horoscope and You will get 100 Rs gift wallet money for call Now .My GiftCode is : FS497 Use my gift code and talk with me via app using call now Expertise :Counselling Therapist , Numerology , Palmistry , Prashna kundli expert , Vastu , Vedic Astrology ,
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होली का त्‍योहार बुराई पर अच्‍छाई की जीत का प्रतीक है. होली में जितना महत्‍व रंगों का है उतना ही महत्‍व होलिका दहन का भी है. रंग वाली होली से एक दिन पहले होली जलाई जाती है, जिसे होलिका दहन कहते हैं. होलिका दहन की तैयारी कई दिन पहले शुरू हो जाती हैं. सूखी टहनियां, लकड़ी और सूखे पत्ते इकट्ठा कर उन्‍हें एक सार्वजनिक और खुले स्‍थान पर रखा जाता है,पूर्णिमा की तिथि पर सूर्य अस्त होने के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन की अग्नि को पवित्र माना जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत की अग्नि होती है। कुछ लोग इस अग्नि में नई फसल को भूनकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं और भगवान की पूजा की जाती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। इस शुभ दिन पर कुछ लोग भगवान के प्रति आस्था मजबूत करने के लिए व्रत भी रखते हैं और कथा पढ़ते हैं।होलिका दहन के साथ ही बुराइयों को भी अग्नि में जलाकर खत्‍म करने की कामना की जाती है.   होलिका दहन कब है? हिन्‍दू पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात्रि ही होलिका दहन किया जाता है. यानी कि रंग वाली होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है. इस बार होलिका दहन 9 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 10 मार्च को है. होलिका दहन के बाद से ही मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं. मान्‍यता है कि होली से आठ दिन पहले तक भक्त प्रह्लाद को अनेक यातनाएं दी गई थीं. इस काल को होलाष्टक कहा जाता है. होलाष्टक में मांगलिक कार्य नहीं होते हैं. कहते हैं कि होलिका दहन के साथ ही सारी नकारात्‍मक ऊर्जा समाप्‍त हो जाती है. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त  जानते हैं कि होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या है और इस मौके शुभ मुहूर्त देखने के लिए दो बातों को ध्यान रखा जाता है.  पहला, उस दिन “भद्रा” न हो। दूसरा, पूर्णिमा प्रदोषकाल-व्यापिनी होनी चाहिए। सरल शब्दों में कहें तो उस दिन सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्तों में पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए। इस बार 9 मार्च 2020 सोमवार को होलिका दहन के समय भद्राकाल की बाधा नहीं रहेगी। फाल्गुन माह की पूर्णिमा यानी होलिका दहन के दिन भद्राकाल सुबह सूर्योदय से शुरू होकर दोपहर करीब डेढ़ बजे ही खत्म हो जाएगा।  इसलिए शाम को प्रदोषकाल में होलिका दहन के समय भद्राकाल नहीं होने से होलिका दहन शुभ फल देने वाला रहेगा। जिससे रोग, शोक और दोष दूर होंगे।9 मार्च 2020 को सुबह 3 बजकर 3 मिनट से पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी 9 मार्च को सोमवार है और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है वहीं पूर्णिमा तिथि सोमवार को होने से चंद्रमा का प्रभाव ज्यादा रहेगा। क्योंकि ज्योतिष के अनुसार सोमवार को चंद्रमा का दिन माना जाता है। इसके साथ ही स्वराशि धनु में स्थित देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि चंद्रमा पर रहेगी। जिससे गजकेसरी योग का प्रभाव रहेगा।इस बार होली भद्रा रहित, ध्वज एवं गजकेसरी योग भी बन रहा है। इसके बाद 10 मार्च को रंग वाली होली में त्रिपुष्कर योग बनेगा। इस साल होली पर गुरु और शनि का विशेष योग बन रहा है। ये दोनों ग्रह अपनी-अपनी राशि में रहेंगे।  तो इस बार होली का यह पावन पर्व ग्रहों के शुभ संयोग के कारण शुभ फलदाई मानी गई है होलिका दहन का शुभ मुहूर्त  होलिका दहन की तिथि: 9 मार्च 2020 पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 9 मार्च 2020 को सुबह 3 बजकर 3 मिनट से  पूर्णिमा तिथि समाप्‍त: 9 मार्च 2020 को रात 11 बजकर 17 मिनट तक  होलिका दहन मुहूर्त: शाम 6 बजकर 26 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक होली का दहन की महिमा रंग वाली होली से भी ज्यादा मानी गई है .भारतीय परंपरा में पुराने साल को विदाई देते हुए नए साल के आगमन की खुशियां मनाई जाती है पुराना साल जिसे संवत कहते हैं को विदाई देने के लिए होली का पावन पर्व मनाया जाता है इसलिए होलिका दहन को संवत जलाना भी कहते चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से जब नवरात्रि शुरू होते हैं तो भारतीय नव संवत की शुरुआत हो जाती है होलिका की अग्नि में पुराने साल और संवत की यादों को समस्याओं को परेशानियों को जलाते हुए जीवन की सारी पुरानी साल की मुश्किलों से निजात पाया जाता है माना जाता है कि इस राख को घर पर लाकर उससे अपने सभी परिवार के लोग अपने माथे पर तिलक करें तो निश्चित ही पिछले साल की सारी नकारात्मकता खत्म हो जाती है पुराने साल की विदाई और नए साल की खुशियां बनाने के साथ-साथ होलिका दहन के पर्व पर किसी भी तरह की आर्थिक समस्या व मानसिक परेशानी हो धन संबंधी समस्याओं से लेकर स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है.. ज्योतिष के हिसाब से कुछ ऐसे उपाय होते हैं जिन्हें अगर आप होलिका दहन के अवसर पर करें और होलिका के जलने के साथ उन चीजों को अग्नि में डाले तीन बार परिक्रमा करते हुए प्रार्थना करें तो आपकी प्रार्थना जरूर पूरी होती है तो चलिए उन्हीं सभी छोटे-छोटे उपायों की बात करते हैं 1. बीमारी से मुक्ति के लिए और सेहत में लाभ के लिए अच्छा स्वास्थ्य पाने के लिए इस दिन एक मुट्ठी काले तिल होलिका की अग्नि में डाले ,कोई बीमारी से मुक्ति पाना चाहता है तो हरी इलायची और कपूर डालें तीन परिक्रमा करते हुए बीमारी से मुक्ति की प्रार्थना करें 2. धन प्राप्ति के लिए और किसी भी तरह की आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं. तू होली के दिन एक छोटी सी चंदन की लकड़ी होली की अग्नि में डाल देतीन बार परिक्रमा करते हुए प्रार्थना करें 3. अगर किसी को रोजगार की समस्या है यह व्यापार या व्यवसाय में परेशानी आ रही है तो इसके लिए एक मुट्ठी पीली सरसों के दाने होलिका की अग्नि में डालें निश्चित ही व्यापार संबंधी रोजगार संबंधी सारी समस्याएं दूर होंगी 4. अगर किसी को विवाह की समस्या आ रही है विवाह नहीं हो पा रहा, वैवाहिक जीवन में परेशानी और दिक्कतें आ रही हैं खुशहाली नहीं है तो उसके लिए हवन सामग्री लेकर जरा सा देसी घी मिलाकर उसे होलिका की अग्नि में डालें तो निश्चित ही जीवन में सभी तरह की समस्याएं दूर होती हैं 5. किसी भी तरह के तंत्र मंत्र नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए एक मुट्ठी काली सरसों को अपने सिर पर से एंटी क्लॉक वाइज 7 बार घुमाकर होली की जलती हुई अग्नि में डाल दिया जाए तो जीवन की सारी नकारात्मकता खत्म हो जाती हैहोलिकादहन करने या फिर उसके दर्शन मात्र से भी व्यक्ति को शनि-राहु-केतु के साथ नजर दोष से मुक्ति मिलती है। होली की भस्म का टीका लगाने से नजर दोष तथा प्रेतबाधा से मुक्ति मिलती है। 6. जिन लोगों को अपनी नाम राशि लग्न राशि नहीं पता यह जिनको अपनी जन्म कुंडली के बारे में ज्ञान नहीं है वह लोग होलिका दहन के दिन गोबर के उपले गेहूं की बालियां और काले तिल लेकर होलिका की जलती अग्नि में डालकर तीन बार परिक्रमा करके प्रार्थना करें तो उनके जीवन में से सभी तरह की समस्याएं विघ्न बाधाएं अपने आप खत्म हो जाते हैं ..और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है 7. किसी को मन संबंधी समस्याएं मानसिक परेशानी है या किसी की कुंडली में चंद्रमा पीड़ित है तो वह होलिका दहन के बाद घर आकर अपने हाथ पैर धोकर अगर चंद्रमा के दर्शन करते हुए चंद्रमा की रोशनी में बैठे और श्री कृष्ण के किसी भी मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय ,ओम क्लीम कृष्णाय नमः, या गीता का पाठ करें तो निश्चित रूप से उनके सभी तरह की मानसिक परेशानियां दूर होने के साथ-साथ जीवन के सभी दिक्कत और परेशानियां खत्म हो जाती है मन मजबूत होता है
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ईश्वर की सत्ता निरंतर पूरे विश्व को अपने नियंत्रण में रखती है चांद सितारे नक्षत्र ग्रह सभी अपनी परिधि में निरंतर बढ़ते रहते हैं चलते रहते हैं पूरा विश्व चलाया महान है ब्रह्मांड जो है वह अपनी विभिन्न प्रकार से ग्रह नक्षत्र राशि बदलती रहती है उन सब की दृष्टि संबंध या उनके किस राशि में कौन सा ग्रह जाने से नक्षत्र के परिवर्तन होने से मनुष्य के जीवन में बहुत सारे अचानक बदलाव आते हैं और मौके भी आते हैं आगे बढ़ने के लिए सफलता के लिए तरक्की के लिए तो आप भी अपने आप को जरूर जन्मपत्रिका बनानी चाहिए और साथ के साथ विस्तार से अपने जीवन की रूपरेखा तैयार करनी चाहिए आपको जीवन में क्या करना है कहां रहना है कैसी दुनिया आपको पसंद है और किस प्रकार से एक सफल जीवन जिया जाए उसके लिए अपनी जन्म जन्म की जो आपने कुछ लोग लेकर आप संसार में आए हैं तो उसको समझे एवं ज्योतिष का फायदा उठाएं अपना कैरियर सलाह ले अपने जीवनसाथी के बारे में जाने इत्यादि बहुत सारे जीवन में मार्गदर्शन के लिए आज ही फ्यूचर स्टडी ऑनलाइन के विद्वानों से बातचीत करें और अनलिमिटेड कॉल वाला बटन दबाएं ताकि आपकी 200 पेज के करीब पूर्ण जन्म पत्रिका के साथ आपको असीमित समय दिया जाए आपके जीवन के बारे में वार्ता करने के लिए। https://www.futurestudyonline.com/astro-details/16
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