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बुधवार के दिन गणेश जी को करें खुश

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भगवान गणेश को विघ्नहर्ता के नाम से जाना जाता है। वे सभी कष्टों का नाश करने वाले हैं। उनकी महिमा अपरंपार है। ऐसी मान्यता है कि श्री गणेश की पूजा बुधवार के दिन करने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। श्री गणेश की पूजा करने से पहले उन्हें रोली और लाल सिंदूर का तिलक करें। सिंदूर की लालिमा श्री गणेश को बहुत पसंद है और ऐसा करने से आपके घर में किसी भी चीज की कमी नहीं होगी। श्री गणेश को मोदक बेहद पसंद है। ऐसे में मोदक का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। पूजा समाप्त हो जाने के बाद श्री गणेश को मोदक का भोग लगायें इससे भगवान बहुत खुश होते हैं। भगवान श्री गणेश की पूजा दूर्वा से करें। ऐसा करने से गणेश भगवान अपने भक्तों के भंडार भर देते हैं। शमी की आराधना करने से भगवान गणेश बहुत खुश होते हैं क्योंकि शमी एक ऐसा पौधा है जिसकी पूजा करने से भगवान शिव, शनिदेव और गणेश जी सारे देवता खुश होते हैं। कहते हैं कि जब भगवान श्रीराम को रावण पर विजय पानी थी तब उन्होंने ने भी शमी के पौधे की आराधना की थी। जो कोई भी भगवान गणेश के समक्ष घी के दीए जलाता है उसपर भगवान की हमेशा कृपा होती है। भगवान श्री गणेश की पूजा करने के लिए अखंडित चावल को प्रयोग करें। भगवान श्री गणेश जी को चावल चढ़ाने से पहले चावलों को गंगाजल में डालकर उसे गीला करे फिर ‘इदं अक्षतम् ऊं गं गणपतये नमः’ बोलते हुए तीन बार गणेश जी पर चावल चढ़ाएं। शास्त्रों के अनुसार गणपति जी के पीठ का दर्शन नहीं करना चाहिए ऐसा माना जाता है कि उनकी पीठ में दरिद्रता का निवास होता है। गणेश जी को भोग लगाते समय याद रखें कि तुलसी दल को प्रयोग न करें। पान के पत्ते पर स्वास्तिक बनाकर गणेश जी पर अर्पित करें। ऐसा करने से आपके शत्रुओं का नाश होगा। मक्के के दाने गणेश जी पर चढ़ाकर रसोई घर में छिपा कर रख दें इससे आपके घर में अन्न, धन की कभी कमी नहीं होगी।

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बुधवार के दिन गणेश जी को करें खुश
posted Feb 26 by Deepika Maheshwary

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हिन्दू धर्म के शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसे दिन बताएं गये है जो हमारी यात्रा के अनुसार अच्छे नही माने गये है इसलिए इन दिनों में हमें भूलकर भी यात्रा नही करनी चाहिए। इस संबंध में एक धार्मिक कथा भी प्रचिलत है जो इस प्रकार है। किसी समय एक व्यक्ति अपनी पत्नी को विदा करवाने अपने ससुराल गया। कुछ दिवस रहने के पश्चात उसने सास–ससुर से अपनी पत्नी को विदा करने को कहा। किन्तु सास ससुर ने बड़े विनीत भाव से कहा आज बुधवार का दिन हैं, आज के दिन गमन (यात्रा) नहीं करते। उस व्यक्ति ने किसी की नहीं मानी और जरूरी कार्य होने की बात कहकर उसी दिन अपनी पत्नी को विदा कराकर अपने नगर की तरफ चल पड़ा। रास्ते में उसकी पत्नी को प्यास लगी तो उसने अपने पति से कहा मुझे प्यास लगी है तब पति लोटा लेकर गाड़ी से उतरकर जल लेने चला गया। जब वह जल लेकर लौटा और अपनी पत्नी के निकट आया तो उसने देखा की उसका हमशक्ल उसकी पत्नी के निकट बैठा हैं। उसने क्रोध में पूछा तुम कौन हो ? तुम मेरी पत्नी के निकट क्यों बैठे हो। दोनों में झगड़ा हो गया दुर खड़े राजा के सैनिक आये और उसके असली पति को पकड़ लिया और पत्नी को पूछा तुम्हारा पति कौन सा हैं पर पत्नी को कुछ समझ नहीं आया पत्नी शांत रही। वह व्यक्ति मन ही मन भगवान से प्रार्थना करने लगा। हे ! परमेश्वर यह क्या लीला हैं सच्चा झूठा बन रहा हैं। मुझसे कुछ भूल हुई तो क्षमा करे। तभी आकाशवाणी हुई की मुर्ख आज बुधवार के दिन तुझे गमन नहीं करना था। तूने किसी की बात नहीं मानी। यह लीला भगवान बुद्धदेव की हैं। उस व्यक्ति ने भगवान बुद्धदेव से क्षमा – याचना की। तब मनुष्य रूप में आये भगवान बुद्धदेव अंतर्ध्यान हो गये। पति प्रसन्नता पूर्वक अपनी पत्नी को लेकर अपने घर चला आया। दोनों पति – पत्नी नियम पूर्वक बुधवार का व्रत करने लगे। जों व्यक्ति नियम पूर्वक बुधवार की कथा पढ़ता, सुनता हैं उसको बुधवार के दिन यात्रा करने का दोष नही लगता तथा जो जिस मनोकामना से व्रत करता हैं भगवान गणेश उसकी सभी मनोकामनाए पूरी करते हैं।
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हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवार के दिन को शिव जी का दिन माना जाता है। इस दिन किसी भी काम को करने से पहले यदि आप शिव जी का आशीर्वाद ले लें तो आपको लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही साथ जीवन में सुख शांति बरक़रार रखने के लिए सोमवार के दिन शिव जी के कुछ ख़ास उपायों को अपनाकर आप शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आज हम आपको विशेष रूप से सोमवार के दिन शिव जी के कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आजमाकर आप अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। आइये जानते हैं कौन से हैं वो विशेष उपाय। सोमवार के दिन करें शिव जी के ये कारग़र उपाय जैसा की आप सभी जानते हैं कि सोमवार के दिन को शिव जी का दिन माना जाता है इसलिए इस दिन यदि शिव जी के कुछ ख़ास उपाय किये जाएँ तो आपको जीवन में अथाह सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही सावन के सोमवार पर खासतौर से यदि शिव को प्रसन्न किया जाए तो आपका जीवन सुखी और सफल बन सकता है। सोमवार को शिव जी के निम्नलिखित उपायों को आजमाकर आप लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सोमवार के दिन किसी भी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का दूध या जल ये अभिषेक करना आपके लिए शुभ फलदायी साबित हो सकता है। सावन के माह में शिव का अभिषेक करना वैसे भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन शिव जी को सफ़ेद चावल अर्पित करना भी आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। शिव जी को चावल चढ़ाने के बाद उसे गरीबों में जरूर बाँट दें। इस उपाय को करने से जिंदगी में मुसीबतों से छुटकारा मिलता है। सोमवार को जल में काला तिल मिलाकर शिव जी को चढ़ाने से आपको लाभ मिल सकता है। ऐसा करने से पारिवारिक सुखों में वृद्धि होती है। छात्रों को ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि करने के लिए सोमवार के दिन स्फटिक से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। दूध में शक्कर मिलाकर शिव जी का अभिषेक करने से भी आपको अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। सोमवार के दिन गाय के घी से शिव जी का अभिषेक करने से भी आपको जीवन में सफलता और सुख शांति मिल सकती है। शिवलिंग पर सोमवार के दिन गन्ने का रस अर्पित करने से भी आपको जीवन के सभी क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। इस दिन शिव जी की पूजा यदि श्रद्धा पूर्वक किया जाए और उनका अभिषेक शहद से किया जाए, तो इस उपाय को करने से आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से निजात मिल सकता है। सोमवार के दिन शिव जी की पूजा अर्चना करने के साथ ही साथ रूद्र गायत्री मंत्र का जाप करना फलदायी माना जाता है। रूद्र गायत्री मन्त्र इन प्रकार हैं “ॐ तत्पुरुषाय विद्दहे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात “
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आज के दौर में हर शख्स किसी ना किसी समस्या से पीड़ित है ऐसे में आप रोजगार से लेकर सुख समृद्धि तो विदेश यात्रा से लेकर ऋण मुक्ति के लिए होली के अवसर पर उपाय कर सकते हैं ध्यान रखें की गोली से 8 दिन पूर्व वह होली के 8 दिन बाद तक का समय उपाय में सफलता देने वाला होता है 1. होली की रात होलिका दहन में से जलती हुई लकड़ी घर पर लाकर नवग्रहों की लकड़ियों एवं गाय के गोबर से बने उपला की होली प्रज्वलित करनी चाहिए उसने घर की प्रत्येक सदस्य को देसी घी में भिगोए हुई दो लौगं एक बताशा एक पान का पत्ता चढ़ाना चाहिए सभी को उस होलिका की 11 परिक्रमा करते हुए सूखे नारियल की होली में आहुति देनी चाहिए परिक्रमा करते समय जो कि दाने उसमें डालते रहें स्वार्थ सिद्धि योग के दिन होली की इस राख को बहते जल में प्रवाहित कर दें यदि बहता हुआ जल ना हो तो किसी बड़े जलाशय कुएं में डाल दे सभी ग्रह ठीक हो जाएंगे और अच्छा फल देना शुरू कर देंगे 2. व्यापार ऊंचाइयों को छुए इसके लिए होली के दिन गुलाल के एक पैकेट को खोलकर उसमें एक मोती शंख सुपारी में चांदी का सिक्का रखकर लाल नए रुमाल में कलावा मौली से बांधकर तिजोरी में रख दें वर्ष भर इसे ऐसे ही रखा रहने दें 3. होली से शुरू कर प्रतिदिन हनुमानजी को पांच लाल फूल अर्पित कर मनोकामना की प्रार्थना करें मुकदमों में विजय प्राप्ति के लिए होली के दिन मूंगे से बने हनुमान जी के समक्ष बजरंग बाण के 51 पाठ करेंअंत में कपूर जलाकर उस पर दो फूल दार लौंग चढ़ाऐ 4. विदेश यात्रा में यदि अर्चना रही हो तो उसे दूर करने के लिए होली के दिन होली का पूजन के बाद विष्णु सहस्त्रनाम के 3 पाठ करें व मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करें 5. नौकरी में यदि पदोन्नति नहीं हो रही हूं तो ऐसे में जितने वर्ष की नोकरी आप कर चुके हो उतने ही प्राण प्रतिष्ठित गोमती चक्र होली के दिन शिवलिंग पर चढ़ा दे मनोभाव से प्रार्थना करें 6. व्यापार में निरंतर धन हानि हो रही हो तो होली के दिन अपने तिजोरी के नीचे काली गुंजा के 11 दाने रखें दाने रखते समय श्रीम श्रीम श्रीम मंत्र का मन में जाप करते रहे होली के दिन तिजोरी में धनदाव कार्य सिद्धि यंत्र स्थापित करें प्रतिदिन गुलाब का एक पुष्प चढ़ाएं नमन कर दर्शन करें समृद्धि स्वयं चलकर आएगी 7. यदि किसी अन्य स्त्री या पुरुष के कारण दांपत्य जीवन में क्लेश हो रहा हो तो 7 गोमती चक्र 7 लघु नारियल 7 मोती शंख और सवा मीटर पीला सूती वस्त्र लेना है सभी सामग्री को इसी पीले वस्त्र में बांधकर प्रभावित व्यक्ति पर से सात बार वारकर होली की अग्नि में डाल देवें और पीछे मुड़कर ना देखें 8. होली के दिन 5-5 अभिमंत्रित गोमती चक्र होलिका पूजन के पश्चात पति और पत्नी दोनों अपने बिस्तर पर सिरहाने के नीचे रखें इससे परस्पर प्रेम बढ़ता है 9. नौकरी प्राप्ति के लिए कौवा को नमकीन चावल होली के दिन से खिलाना शुरू कर दे फिर प्रत्येक शनिवार को खिलाएं 12 फल प्रतिदिन मंदिर में चढ़ाएं तो और भी उत्तम 10. विवाह बाधा होने पर छह केले मंदिर में 6 गुरुवार दें 8 सप्ताह में विवाह की खुशखबरी मिल जाएगी साथ ही मंगल स्नान करें तो अति उत्तम शनिवार को किसी गरीब व्यक्ति को काला छाता दान दे भोजन कराएं सारे विघ्न धीरे-धीरे दूर हो जाएंगे होली वाले दिन गरीब को भोजन अवश्य कराएं 11. पैसा टिकता ना वह बरकत ना हो तो होली के दिन सिद्ध प्राचीन हनुमान मंदिर जाएं सात बताशे एक जनेऊ एक पान अर्पित करें उसके बाद तीन मंगलवार लगातार चढ़ाऐ परिणाम स्वयं अनुभव करेंगे 12. घर मकान ना बन पा रहा हो अडचने अर्चना रही हो तो ऐसी में होली के दिन गरीब को उड़द की काली दाल की खिचड़ी बनाकर खिलाएं फिर 5 शनिवार ऐसा ही करें शीघ्र आपका घर बन जाएगा शनिवार अनार का पौधा लगाएं और रोज जल अर्पण करें 13. संतान प्राप्ति के लिए किसी भी बच्चे वाली महिलाओं को होली वाले दिन से शुरू कर 1 महीने तक हरी सब्जियां दे वैष्णो देवी माता से संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें मनोरथ पूर्ण होने पर हलवा पूरी बांटे मंदिर में प्रसाद चढ़ाएं 14. पेंडुलम वाली घड़ी यदि पैतृक हो तो और भी अच्छा उसे पूर्वी या उत्तरी दीवार पर लगाए जीवन में कभी बुरा समय नहीं आएगा यदि आए भी तो कहां गायब हो गया पता नहीं चलेगा होली के दिन आप पर से दीवार पर लगाए 15. व्यवसाय में अत्यधिक घाटा हो रहा हो कर्ज बहुत ज्यादा चढ़ गया हो तो 400 ग्राम साबुत धनिया जल में प्रवाहित करें काली गुंजा की पांच दाने पीले कपड़े में बांधकर व्यवसाय की तिजोरी में रखे लाल गुंजा के दाने भी रख सकते हैं होली के दिन की गई साधना एवं प्रयोग सफल होते हैं हालांकि कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए होली वाले दिन प्रात काल किसी भी अन्य शख्स द्वारा दी गई वस्तु को खाना नहीं चाहिए खासकर जो आपसे से मन में विद्वेष भाव रखता हो सिर अवश्य ढक कर रखना चाहिए कोई आपका इस दिन पहना हुआ रुमाल या वस्त्र आदि मांगे या किसी भी युक्ति से ले जाना चाहिए उसे बिल्कुल ना दे होली के दिन दूसरे व्यक्ति विरोधी के द्वारा दिया गया पान इलाइची लोंग आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
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ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों का जन्म शुक्रवार को हुआ है उन पर माँ लक्ष्मी और शुक्र दोनों का शुभ प्रभाव देखने को मिलता है, क्योंकि शुक्रवार के स्वामी शुक्र देव है और इसकी देवी लक्ष्मी है। यही कारण है कि इस दिन जन्म लने वाले व्यक्ति भौतिक सुख सुविधाओं के आदी और शौकीन मिजाज होते है l शुक्रवार को जन्मे लोग जीवन को मौज मस्ती से व्यतीत करने के पक्षधर होते है। इस दिन जन्मे लोग विरोधियों को भी अपने पक्ष में करने की कला जानते है, इनमे एक अलग ही आकर्षण होता है। जिससे ये अपने मित्रों के दायरे में काफी लोकप्रिय होते है। शुक्रवार को जन्में लोग बड़े ही खुशमिजाज होते है और जिंदगी को एक जश्न की तरह जीते है। इनको कलात्मक चीजों और कला से गहरा लगाव होता है, इसलिये ये अपना कैरियर भी संगीत, लेखन, चित्रकला, फिल्म, फैशन, ब्यूटी इंडस्ट्री में बनाना पसंद करते है। ऐसे व्यक्ति आमतौर पर प्रसन्न दिखाई देते है। इनके चेहरे पर रौनक होती है।
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--- पौराणिक कथाओं कथाओं के अनुसार एक बार भगवान शिव और पार्वती के दोनों पुत्र गणेश और कार्तिकेय के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। भगवान शिव ने काफी सोच-विचार कर एक प्रतियोगिता आयोजित की और कहा कि जो अपने वाहन पर सवार होकर समस्त तीर्थ और संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा करके पहले लौटेगा वही पृथ्वी पर प्रथम पूजनीय होगा। कार्तिकेय ने शिवजी एवं पार्वती जी का आशीर्वाद लिया और अपने वाहन मोर पर तुरंत सवार होकर पृथ्वी की परिक्रमा करने के लिए निकल पड़े। इधर गणेश जी सोच में पड़ गए कि मेरा वाहन तो चूहा है। चूहा थोड़ा छोटा है और हम थोडे़ मोटे हैं। इस तरह तो हमारी हार पक्की है। तब गणेश जी ने सोचा कि माता-पिता में संपूर्ण तीर्थ होते हैं यदि मैं इनकी परिक्रमा कर लूंगा तो मुझे समस्त तीर्थ और समस्त पृथ्वी की परिक्रमा करने का फल मिल जाएगा। ये सोचकर श्री गणेश जी महाराज ने अपनी मां पार्वती और पिता शिव जी से आशीर्वाद लिया और अपने माता-पिता की सात बार परिक्रमा कर शांत भाव से उनके सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए। इधर कार्तिकेय अपने वाहन मयूर पर सवार हो पृथ्वी का चक्कर लगाकर लौटे तो श्री गणेश को स्थान पर खड़ा पाकर कार्तिकेय ने कहा कि यह प्रतियोगिता मैंने जीत ली है क्योंकि गणेश जी अभी तक यहीं खड़े हैं। तब शिव जी ने कहा- पुत्र गणेश आपसे पहले ब्रह्मांड की परिक्रमा कर चुका है, वही प्रथम पूजा का अधिकारी होगा। कार्तिकेय गुस्सा होकर बोले, पिताजी, यह कैसे संभव है? गणेश अपने वाहन चूहे पर बैठकर कई वर्षों में भी पूरी परिक्रमा नहीं कर सकता है! पिताजी आप मजाक क्यों कर रहे हैं ? तब भगवान भोले नाथ बोले- नहीं बेटे! गणेश अपने माता-पिता की परिक्रमा करके यह प्रमाणित कर चुका है कि इस ब्रह्माड में मात-पिता से बढ़कर कुछ नही है। गणेश ने संपूर्ण जगत् को इस बात का ज्ञान कराया है इसलिए इस दुनिया में सबसे पहले गणेश को ही पूजा जाएगा। इस तरह गणेश प्रथम पूजनीय बन गए।
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