top button
    Futurestudyonline Community

चिन्तायास्तु चितायास्तु बिन्दु मात्रम् विशेशतः । चिता दहति निर्जीवम्, चिन्ता दहति जीवितम् ॥ ।

0 votes
98 views
चिन्तायास्तु चितायास्तु बिन्दु मात्रम् विशेशतः । चिता दहति निर्जीवम्, चिन्ता दहति जीवितम् ॥ Both Chita (Funeral Pryr) and Chinta (Worries) can be considered as equals since both do the same job, except the difference being just one Dot. Chita burns the dead while Chinta burns the live human beings. *चिता ओर चिंता दोनो एक जैसे ही है, फर्क सिर्फ बिंदु का है, चिता मृत देह को जलाती है, चिंता जीवित शरीर को जलाती है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।
posted Dec 21, 2020 by anonymous

  Promote This Article
Facebook Share Button Twitter Share Button Google+ Share Button LinkedIn Share Button Multiple Social Share Button

Related Articles
0 votes
राहु चन्द्र हमेशा चिन्ता का योग बनाते हैं राहु और चन्द्र किसी भी भाव में एक साथ जब विराजमान हो,तो हमेशा चिन्ता का योग बनाते है,राहु के साथ चन्द्र होने से दिमाग में किसी न किसी प्रकार की चिन्ता लगी रहती है,पुरुषों को बीमारी या काम काज की चिन्ता लगी रहती है,महिलाओं को अपनी सास या ससुराल खानदान के साथ बन्धन की चिन्ता लगी रहती है। राहु और चन्द्रमा का एक साथ रहना हमेशा से देखा गया है, कुन्डली में एक भाव के अन्दर दूरी चाहे २९ अंश तक क्यों न हो,वह फ़ल अपना जरूर देता है। इसलिये राहु जब भी गोचर से या जन्म कुन्डली की दशा से एक साथ होंगे तो जातक का चिन्ता का समय जरूर सामने होगा।
0 votes
राहु चन्द्र हमेशा चिन्ता का योग बनाते हैं राहु और चन्द्र किसी भी भाव में एक साथ जब विराजमान हो,तो हमेशा चिन्ता का योग बनाते है,राहु के साथ चन्द्र होने से दिमाग में किसी न किसी प्रकार की चिन्ता लगी रहती है,पुरुषों को बीमारी या काम काज की चिन्ता लगी रहती है,महिलाओं को अपनी सास या ससुराल खानदान के साथ बन्धन की चिन्ता लगी रहती है। राहु और चन्द्रमा का एक साथ रहना हमेशा से देखा गया है, कुन्डली में एक भाव के अन्दर दूरी चाहे २९ अंश तक क्यों न हो,वह फ़ल अपना जरूर देता है। इसलिये राहु जब भी गोचर से या जन्म कुन्डली की दशा से एक साथ होंगे तो जातक का चिन्ता का समय जरूर सामने होगा।
0 votes
मंगल और राहु की युति कुंडली में मंगल और राहु की युति बहुत ही अशुभ माने जाते हैं। यह संयोजन वासना, अटकलबाजी या जुआ, नशा आदि जैसे अत्यधिक सांसारिक इच्छा को दर्शाता है। इस संबंध के साथ पैदा हुए जातक आमतौर पर एक बहुत ही अनुशासनहीनता और दुर्भाग्यपूर्ण जीवन जीते हैं। लेकिन इस योग की नकारात्मकता का प्रसार लाभकारी ग्रह के साथ संबन्ध ओर लाभकारी ग्रह की ताकत पर निर्भर करेगा। लेकिन मेरी राय के अनुसार यह योग एक व्यक्ति को प्रवृत्ति सेटर बनाता है। Regards VASWATI BAKSIDDHA
0 votes
हनुमतो जयन्ती श्वः चैत्रस्य पूर्णिमातिथौ । पूजार्चना विधातव्या शान्तिमङ्गलप्राप्तये ।। ॐ रामदूताय नमः *हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं*।
0 votes
জীবন থাকলেই সমস্যা থাকবে, সমস্যা থাকলে সমাধানও আছে। জ্যোতিষই হল সেই সমাধান। তাই যেকোনো সমস্যার জন্য তাই আজই Futurestudyonline app ডাউনলোড করে আপনার নাম Register করুন এবং সাথে সাথেই 100 টাকার গিফ্ট ওয়ালেটের সুবিধা নিন। যদি আগেই আপনি এই app ডাউনলোড করে থাকেন তাহলে দয়া করে app টি update করুন এবং আমার গিফট কোড FS140ব্যবহার করে অতিরিক্ত 50 টাকার বোনাস ওয়ালেটের সুবিধা নিয়ে আমার সাথে আপনার সমস্যা সংক্রান্ত আলোচনা করে সমস্যার সমাধান করুন এবং সুস্থ ও সুন্দর জীবন উপভোগ করুন। Futurestudyonline.com সবসময় আপনার সঙ্গে আছে এবং থাকবে। শুভেচ্ছান্তে বাকসিদ্ধা ভাস্বতী
Dear friends, futurestudyonline given book now button (unlimited call)24x7 works , that means you can talk until your satisfaction , also you will get 3000/- value horoscope free with book now www.futurestudyonline.com
...