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सूर्य का फल जाने

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जय श्रीराम ।। ग्रहों के रूठ जाने और अशुभ फल देने का कारण ================================ सूर्य- जब जातक किसी भी प्रकार का टैक्स चुराता है एवं किसी भी जीव की आत्मा को कष्ट देता है। तब सूर्य अशुभ फल देता है। चंद्र- जब जातक सम्मानजनक स्त्रियों को कष्ट देता हैं। जैसे- माता, नानी, दादी, सास एवं इनके समान वाली स्त्रियों को कष्ट देता है तब चंद्र अशुभ फल देता है। धोखे से किसी से कोई वस्तु लेने पर भी चंद्रमा अशुभ फल देता है। मंगल- जब जातक अपने भाई से झगड़ा करें, भाई के साथ धोखा करें। अपनी पत्नी के भाई का अपमान करें, तो भी मंगल अशुभ फल देता है। बुध- जब जातक अपनी बहन, बेटी अथवा बुआ को कष्ट देता है, साली एवं मौसी को कष्ट देता है। जब जातक हिजड़े को कष्ट देता है, तो भी बुध अशुभ फल देता है। गुरु- जब जातक पिता, दादा, नाना को कष्ट देता है अथवा इनके समान पद वाले व्यक्ति को कष्ट देता है। साधु-संतों को कष्ट देने से भी गुरु अशुभ फल देता है। शुक्र- जब जातक जीवनसाथी को कष्ट देता है। घर में गंदे एवं फटे वस्त्र रखने एवं पहनने पर भी शुक्र अशुभ फल देता है। शनि- जब जातक ताऊ, चाचा को कष्ट देता है, मजदूर की पूरी मजदूरी नहीं देता है। घर या दुकान के नौकरों को गाली देता है। शराब, मांस खाने पर भी शनि अशुभ फल देता है। कुछ लोग मकान या दुकान किराए से लेते फिर बाद में खाली नहीं करते या खाली करने के लिए पैसे मंगाते है, तो शनि अशुभ फल देता है। राहु- जब जातक बड़े भाई को कष्ट देता है या अपमान करता है। ननिहाल पक्ष का अपमान करने पर एवं सपेरे का दिल दुखाने पर या कभी किसी सर्प को मारने पर भी राहु कष्ट देता है। केतु- जब जातक भतीजे, भांजे को कष्ट देता है या उनका हक छीनता है। कुत्ते को मारने या किसी के द्वारा मरवाने पर, मंदिर की ध्वजा तोड़ने पर केतु अशुभ फल देता है। किसी की झूठी गवाही देने पर भी राहु-केतु अशुभ फल देते हैं । अत: नवग्रहों का अनुकूल फल पाने के लिए मनुष्य को अपना जीवन व्यवस्थित जीना चाहिए, किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए। न ही किसी के साथ छल-कपट करना चाहिए। बृजेश कुमार शास्त्री

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सूर्य का फल
posted Feb 10 by anonymous

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17 सितम्बर को हुआ सूर्य का कन्या राशी में गोचर जानिए उसके फल  ज्योतिर्विद् अभय पाण्डेय 9450537461 वैदिक ज्योतिष में सूर्य को नव ग्रहों के राजा की उपाधि दी गई है। वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है अत: सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा और पिता का कारक माना गया है इसलिए कुंडली में सूर्य को पूर्वजों का प्रतिनिधि कहा जाता है। सूर्य प्रधान जातक सरकारी और अन्य सेवाओं में बड़े पदों पर आसीन रहते हैं।       सूर्य ग्रह 17 सितंबर 2017 (रविवार) को रात्रि 12:55 बजे कन्या राशि में गोचर करेगा। सूर्य इस राशि में 17 अक्टूबर 2017 (मंगलवार) को दोपहर 12:50 बजे तक स्थित रहेगा। निश्चित ही सूर्य के इस गोचर का प्रभाव आपके जीवन पर पड़ेगा। उन तमाम प्रभावों का उल्लेख नीचे आपकी राशि के अनुसार दिया जा रहा है साथ ही शुभ और उत्तम फल की प्राप्ति के लिए प्रभावी उपाय बताए गए हैं।       यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है     *मेष*   सूर्य आपकी राशि से षष्ठम भाव में गोचर करेगा। सूर्य की यह स्थिति आपके लिए सकारात्मक रहेगी। इस दौरान आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। वहीं आपके साहस और बल के कारण शत्रु भयभीत महसूस करेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छी तैयारी के कारण आप सफल रहेंगे। कार्य क्षेत्र में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे और सीनियर्स भी आपके काम से ख़ुश रहेंगे। गोचर के दौरान आपको स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। सरकार की किसी योजना से आप लाभान्वित हो सकते हैं। निजी जीवन में भी ख़ुशियाँ बनी रहेंगी।       *वृषभ*   सूर्य आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आप असमंजस की स्थिति में रह सकते हैं और बड़े निर्णय लेने में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कार्य क्षेत्र में सीनियर्स के साथ आपके रिश्ते बिगड़ सकते हैं, कोशिश करें कि सीनियर्स के साथ आपके रिश्ते मधुर रहें। समाज में भी कुछ लोगों से आपका विवाद संभव है। बच्चों की सेहत का पूरा ध्यान रखें। जीवनसाथी को गोचर के अनुकूल परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। करियर में उन्हें ज़बरदस्त सफलता मिलने के योग हैं। यात्राओं का परिणाम आपके लिए प्रतिकूल रहेगा। वैसे कुल मिलाकर गोचर आपके लिए अच्छा है।       *मिथुन*   सूर्य आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपको मानसिक तनाव तथा स्वास्थ्य में कमज़ोरी रह सकती है। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए मनोरंजन का सहारा लिया जा सकता है। माता जी के स्वास्थ्य में भी कमी देखी जा सकती है इसलिए उनकी सेहत की देखभाल ज़रुरी है। घर में परिजनों के साथ किसी बात को लेकर आपका मनमुटाव हो सकता है इसलिए ऐसे मुद्दों पर ज़्यादा ध्यान न दें जिससे घर की शांति भंग हो। यदि ज़्यादा ज़रुरी न हो तो यात्रा को टाला जा सकता है। वहीं वैवाहिक जीवन में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी को कार्य क्षेत्र में गोचर का लाभ मिलेगा।       *कर्क*   सूर्य आपकी राशि से तृतीय भाव में गोचर करेगा। इस दौरान स्वास्थ्य की दृष्टि से गोचर आपको सकारात्मक परिणाम देने वाला है। भौतिक सुख सुविधाओं का आप आनंद लेंगे। अपने लक्ष्य के प्रति आपकी इच्छा शक्ति में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आप सराहनीय कार्य करेंगे जिससे सीनियर्स भी आपके काम से ख़ुश रहेंगे। उच्च अधिकारियों से आपके रिश्ते बनेंगे। समाज में भी प्रतिष्ठित लोगों के साथ आपका उठना-बैठना होगा। छोटी दूरी की यात्राएं आपके लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं। इसके अलावा दोस्तों और भाई-बहनों की मदद से आपको आर्थिक लाभ मिल सकता है। विरोधियों पर आपका भय बना रहेगा। समाज में भी आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी पदोन्नति की प्रबल संभावना है। लोगों के प्रति आपका व्यवहार मधुर और सौम्य रहेगा।       *सिंह*   सूर्य आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपको थोड़ा संभलकर चलना होगा। कठोर शब्द बोलकर किसी की भावना को आहत न करें, बल्कि सभी से प्रेम से बातचीत करें। गोचर की अवधि में आपको शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बुखार, सिरदर्द और आँखों में संक्रमण जैसी समस्या से गुज़रना पड़ सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर झगड़ा भी हो सकता है।   घर में परिजनों के बीच सामंजस्य बिठाने का प्रयास करें। गोचर के दौरान जीवनसाथी का स्वास्थ्य कुछ कमज़ोर रह सकता है अतः उनकी सेहत का ख़्याल रखें। धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। दोस्तों और रिश्तेदारों से किसी बात पर आपका मनमुटाव हो सकता है, हालाँकि ऐसे मामलों को ज़्यादा तूल न दें। निजी जीवन से जुड़ी समस्याएँ आपके लिए मानसिक तनाव का कारण बन सकती हैं। तनाव से बचने के लिए मनोरंजन का सहारा लिया जा सकता है।       *कन्या*   सूर्य आपकी राशि में गोचर करेगा और यह आपके प्रथम भाव में स्थित होगा। इस दौरान धन के लेन-देन में सावधानी बरतें और ऐसा कोई काम न करें जिससे समाज में आपकी मानहानि होती हो। गोचर की अवधि में बुखार, सिरदर्द, अपच और आँख में किसी प्रकार का संक्रमण आदि हो सकता है इसलिए अपनी सेहत का ख़्याल रखें। काम के वक़्त आपको आलस आ सकता है और इसी वजह से आपके काम लंबित रह सकते हैं। वहीं काम के चलते आपको घर से दूर जाना पड़ सकता है। तनाव और अहंकार आपके जीवन को प्रभावित कर सकते हैं इसलिए हमेशा इनसे बचें। विदेश संबंधों से आपको लाभ प्राप्त हो सकता है।       *तुला*   सूर्य आपकी राशि से द्वादश भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आप विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। काम के चलते घर से दूर भी रहना पड़ सकता है। आप किसी हिल स्टेशन पर जाने की योजना बना सकते हैं। इस बीच अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रखें। गोचर की अवधि में आपका ख़र्चा थोड़ा बढ़ सकता है। अनुचित कार्यों को न करें वरना आपकी मानहानि संभव है। अपने विरोधियों से भी सावधान रहें। दोस्तों से किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है परंतु आप बात को ज़्यादा न बढ़ाएँ।       *वृश्चिक*   सूर्य आपकी राशि से एकादश भाव में संचरण करेगा। सूर्य की यह स्थिति आपके लिए सकारात्मक रहेगी। विभिन्न स्रोतों से आपको लाभ मिलने के योग हैं। इस दौरान आपकी आय में वृद्धि होने की संभावना है और शत्रुओं पर आप विजय प्राप्त करेंगे। दान-धर्म के कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ कर्मियों का सहयोग और उनका मार्गदर्शन आपको प्राप्त होगा। इसके अलावा सूर्य के इस गोचर के दौरान कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है। पिता के आशीर्वाद और उनकी प्रेरणा से आप जीवन की राह पर आगे बढ़ेंगे।       *धनु*   सूर्य आपकी राशि से दशम भाव में स्थित होगा। इस दौरान कार्य क्षेत्र में आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। जैसे- नौकरी में आपकी पदोन्नति और आय में वृद्धि हो सकती है। सरकार की ओर से भी लाभ मिलने के शुभ संकेत हैं। आर्थिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से गोचर आपके लिए शुभ होने के संकेत दे रहा है। समाज में प्रभावी व्यक्तियों से आपके संबंध बनेंगे और समय आने पर उनके द्वारा आपको लाभ मिल सकता है। अपने कार्य में आपको सफलता मिलेगी। वहीं सोसायटी में आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा।       *मकर*   सूर्य आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। इस अवधि में आपको उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। अनैतिक और ग़ैरक़ानूनी कामों से दूर रहें वरना समाज में आपका मान-सम्मान गिर सकता है। पैसों की लेन-देन में सावधानी बरतें, वरना आपको धन की हानि हो सकती है। पिताजी के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है। आपकी सेहत कुछ कमज़ोर रह सकती है इसलिए अपनी सेहत पर पूरी तरह से ध्यान दें और मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें। किसी मुद्दे पर वरिष्ठ जनों से वैचारिक मतभेद होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र में सफलता पाने के लिए आपको संघर्ष करना पड़ सकता है।       *कुंभ*   सूर्य आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर करेगा। इस दौरान किसी कारण आपको विवाद का सामना करना पड़ सकता है इसलिए ऐसा कोई भी काम न करें जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो। आपके पिछले कर्मों का फल आपको इस गोचर के दौरान मिलने वाला है। शत्रुओं से आपका सामना हो सकता है। यदि बल और बुद्धि दोनों से दुश्मन का सामना करते हैं तो आपको सफलता मिलने की संभावना है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, अन्यथा किसी रोग का सामना करना पड़ सकता है। ग़ैरक़ानूनी काम से दूर रहें। इस अवधि में जीवनसाथी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से गुज़रना पड़ सकता है। अप्रत्याशित ख़र्चे भी आपके लिए समस्या का कारण बन सकता है इसलिए धन का ख़र्च सोच समझकर करें और बचत पर ज़्यादा ध्यान दें।       *मीन*   सूर्य आपकी राशि से सप्तम भाव में जाएगा। इस दौरान जीवनसाथी से मतभेद होने के संकेत हैं। अहंकार आपके वैवाहिक रिश्ते में खटास पैदा कर सकता है, इसलिए इसका त्याग करें। इसके अलावा गोचर के दौरान जीवनसाथी और बच्चों की सेहत कुछ कमज़ोर रह सकती है अतः उनकी सेहत पर भी ध्यान दें। व्यापार के लिए परिस्थितियाँ आपके लिए अनुकूल नहीं है। बिज़नेस पार्टनर के साथ किसी तरह का विवाद हो सकता है। यदि आप नौकरी कर रहे हैं तो आपको कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। यात्रा के दौरान आपको अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। अपच, पेटदर्द, सिरदर्द एवं मानसिक तनाव जैसी समस्याएँ आपको घेर सकती हैं, लिहाज़ा पहले से सेहत को लेकर सतर्क रहें।    
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*सूर्य का कन्या राशि में गोचर* वैदिक ज्योतिष में सूर्य को नव ग्रहों के राजा की उपाधि दी गई है। वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है अत: सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा और पिता का कारक माना गया है इसलिए कुंडली में सूर्य को पूर्वजों का प्रतिनिधि कहा जाता है। सूर्य प्रधान जातक सरकारी और अन्य सेवाओं में बड़े पदों पर आसीन रहते हैं। सूर्य ग्रह 17 सितंबर 2017 (रविवार) को रात्रि 12:55 बजे कन्या राशि में गोचर करेगा। सूर्य इस राशि में 17 अक्टूबर 2017 (मंगलवार) को दोपहर 12:50 बजे तक स्थित रहेगा। निश्चित ही सूर्य के इस गोचर का प्रभाव आपके जीवन पर पड़ेगा। उन तमाम प्रभावों का उल्लेख नीचे आपकी राशि के अनुसार दिया जा रहा है साथ ही शुभ और उत्तम फल की प्राप्ति के लिए प्रभावी उपाय बताए गए हैं।  यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है *मेष* *सूर्य आपकी राशि से षष्ठम भाव* में गोचर करेगा। सूर्य की यह स्थिति आपके लिए सकारात्मक रहेगी। इस दौरान आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। वहीं आपके साहस और बल के कारण शत्रु भयभीत महसूस करेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छी तैयारी के कारण आप सफल रहेंगे। कार्य क्षेत्र में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे और सीनियर्स भी आपके काम से ख़ुश रहेंगे। गोचर के दौरान आपको स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। सरकार की किसी योजना से आप लाभान्वित हो सकते हैं। निजी जीवन में भी ख़ुशियाँ बनी रहेंगी। *वृषभ* *सूर्य आपकी राशि से पंचम भाव* में गोचर करेगा। इस दौरान आप असमंजस की स्थिति में रह सकते हैं और बड़े निर्णय लेने में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कार्य क्षेत्र में सीनियर्स के साथ आपके रिश्ते बिगड़ सकते हैं, कोशिश करें कि सीनियर्स के साथ आपके रिश्ते मधुर रहें। समाज में भी कुछ लोगों से आपका विवाद संभव है। बच्चों की सेहत का पूरा ध्यान रखें। जीवनसाथी को गोचर के अनुकूल परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। करियर में उन्हें ज़बरदस्त सफलता मिलने के योग हैं। यात्राओं का परिणाम आपके लिए प्रतिकूल रहेगा। वैसे कुल मिलाकर गोचर आपके लिए अच्छा है। *मिथुन* *सूर्य आपकी राशि से चतुर्थ भाव* में गोचर करेगा। इस दौरान आपको मानसिक तनाव तथा स्वास्थ्य में कमज़ोरी रह सकती है। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए मनोरंजन का सहारा लिया जा सकता है। माता जी के स्वास्थ्य में भी कमी देखी जा सकती है इसलिए उनकी सेहत की देखभाल ज़रुरी है। घर में परिजनों के साथ किसी बात को लेकर आपका मनमुटाव हो सकता है इसलिए ऐसे मुद्दों पर ज़्यादा ध्यान न दें जिससे घर की शांति भंग हो। यदि ज़्यादा ज़रुरी न हो तो यात्रा को टाला जा सकता है। वहीं वैवाहिक जीवन में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी को कार्य क्षेत्र में गोचर का लाभ मिलेगा। *कर्क* *सूर्य आपकी राशि से तृतीय भाव* में गोचर करेगा। इस दौरान स्वास्थ्य की दृष्टि से गोचर आपको सकारात्मक परिणाम देने वाला है। भौतिक सुख सुविधाओं का आप आनंद लेंगे। अपने लक्ष्य के प्रति आपकी इच्छा शक्ति में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आप सराहनीय कार्य करेंगे जिससे सीनियर्स भी आपके काम से ख़ुश रहेंगे। उच्च अधिकारियों से आपके रिश्ते बनेंगे। समाज में भी प्रतिष्ठित लोगों के साथ आपका उठना-बैठना होगा। छोटी दूरी की यात्राएं आपके लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं। इसके अलावा दोस्तों और भाई-बहनों की मदद से आपको आर्थिक लाभ मिल सकता है। विरोधियों पर आपका भय बना रहेगा। समाज में भी आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी पदोन्नति की प्रबल संभावना है। लोगों के प्रति आपका व्यवहार मधुर और सौम्य रहेगा। *सिंह* *सूर्य आपकी राशि से द्वितीय भाव* में गोचर करेगा। इस दौरान आपको थोड़ा संभलकर चलना होगा। कठोर शब्द बोलकर किसी की भावना को आहत न करें, बल्कि सभी से प्रेम से बातचीत करें। गोचर की अवधि में आपको शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बुखार, सिरदर्द और आँखों में संक्रमण जैसी समस्या से गुज़रना पड़ सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर झगड़ा भी हो सकता है। घर में परिजनों के बीच सामंजस्य बिठाने का प्रयास करें। गोचर के दौरान जीवनसाथी का स्वास्थ्य कुछ कमज़ोर रह सकता है अतः उनकी सेहत का ख़्याल रखें। धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। दोस्तों और रिश्तेदारों से किसी बात पर आपका मनमुटाव हो सकता है, हालाँकि ऐसे मामलों को ज़्यादा तूल न दें। निजी जीवन से जुड़ी समस्याएँ आपके लिए मानसिक तनाव का कारण बन सकती हैं। तनाव से बचने के लिए मनोरंजन का सहारा लिया जा सकता है। *कन्या* *सूर्य आपकी राशि में गोचर करेगा और यह आपके प्रथम भाव* में स्थित होगा। इस दौरान धन के लेन-देन में सावधानी बरतें और ऐसा कोई काम न करें जिससे समाज में आपकी मानहानि होती हो। गोचर की अवधि में बुखार, सिरदर्द, अपच और आँख में किसी प्रकार का संक्रमण आदि हो सकता है इसलिए अपनी सेहत का ख़्याल रखें। काम के वक़्त आपको आलस आ सकता है और इसी वजह से आपके काम लंबित रह सकते हैं। वहीं काम के चलते आपको घर से दूर जाना पड़ सकता है। तनाव और अहंकार आपके जीवन को प्रभावित कर सकते हैं इसलिए हमेशा इनसे बचें। विदेशr संबंधों से आपको लाभ प्राप्त हो सकता है। *तुला* *सूर्य आपकी राशि से द्वादश भाव* में गोचर करेगा। इस दौरान आप विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। काम के चलते घर से दूर भी रहना पड़ सकता है। आप किसी हिल स्टेशन पर जाने की योजना बना सकते हैं। इस बीच अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रखें। गोचर की अवधि में आपका ख़र्चा थोड़ा बढ़ सकता है। अनुचित कार्यों को न करें वरना आपकी मानहानि संभव है। अपने विरोधियों से भी सावधान रहें। दोस्तों से किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है परंतु आप बात को ज़्यादा न बढ़ाएँ। *वृश्चिक* *सूर्य आपकी राशि से एकादश भाव* में संचरण करेगा। सूर्य की यह स्थिति आपके लिए सकारात्मक रहेगी। विभिन्न स्रोतों से आपको लाभ मिलने के योग हैं। इस दौरान आपकी आय में वृद्धि होने की संभावना है और शत्रुओं पर आप विजय प्राप्त करेंगे। दान-धर्म के कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ कर्मियों का सहयोग और उनका मार्गदर्शन आपको प्राप्त होगा। इसके अलावा सूर्य के इस गोचर के दौरान कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है। पिता के आशीर्वाद और उनकी प्रेरणा से आप जीवन की राह पर आगे बढ़ेंगे। *धनु* *सूर्य आपकी राशि से दशम भाव* में स्थित होगा। इस दौरान कार्य क्षेत्र में आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। जैसे- नौकरी में आपकी पदोन्नति और आय में वृद्धि हो सकती है। सरकार की ओर से भी लाभ मिलने के शुभ संकेत हैं। आर्थिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से गोचर आपके लिए शुभ होने के संकेत दे रहा है। समाज में प्रभावी व्यक्तियों से आपके संबंध बनेंगे और समय आने पर उनके द्वारा आपको लाभ मिल सकता है। अपने कार्य में आपको सफलता मिलेगी। वहीं सोसायटी में आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा। *मकर* *सूर्य आपकी राशि से नवम भाव* में गोचर करेगा। इस अवधि में आपको उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। अनैतिक और ग़ैरक़ानूनी कामों से दूर रहें वरना समाज में आपका मान-सम्मान गिर सकता है। पैसों की लेन-देन में सावधानी बरतें, वरना आपको धन की हानि हो सकती है। पिताजी के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है। आपकी सेहत कुछ कमज़ोर रह सकती है इसलिए अपनी सेहत पर पूरी तरह से ध्यान दें और मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें। किसी मुद्दे पर वरिष्ठ जनों से वैचारिक मतभेद होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र में सफलता पाने के लिए आपको संघर्ष करना पड़ सकता है। *कुंभ* *सूर्य आपकी राशि से अष्टम भाव* में गोचर करेगा। इस दौरान किसी कारण आपको विवाद का सामना करना पड़ सकता है इसलिए ऐसा कोई भी काम न करें जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो। आपके पिछले कर्मों का फल आपको इस गोचर के दौरान मिलने वाला है। शत्रुओं से आपका सामना हो सकता है। यदि बल और बुद्धि दोनों से दुश्मन का सामना करते हैं तो आपको सफलता मिलने की संभावना है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, अन्यथा किसी रोग का सामना करना पड़ सकता है। ग़ैरक़ानूनी काम से दूर रहें। इस अवधि में जीवनसाथी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से गुज़रना पड़ सकता है। अप्रत्याशित ख़र्चे भी आपके लिए समस्या का कारण बन सकता है इसलिए धन का ख़र्च सोच समझकर करें और बचत पर ज़्यादा ध्यान दें। *मीन* *सूर्य आपकी राशि से सप्तम भाव* में जाएगा। इस दौरान जीवनसाथी से मतभेद होने के संकेत हैं। अहंकार आपके वैवाहिक रिश्ते में खटास पैदा कर सकता है, इसलिए इसका त्याग करें। इसके अलावा गोचर के दौरान जीवनसाथी और बच्चों की सेहत कुछ कमज़ोर रह सकती है अतः उनकी सेहत पर भी ध्यान दें। व्यापार के लिए परिस्थितियाँ आपके लिए अनुकूल नहीं है। बिज़नेस पार्टनर के साथ किसी तरह का विवाद हो सकता है। यदि आप नौकरी कर रहे हैं तो आपको कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। यात्रा के दौरान आपको अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। अपच, पेटदर्द, सिरदर्द एवं मानसिक तनाव जैसी समस्याएँ आपको घेर सकती हैं, लिहाज़ा पहले से सेहत को लेकर सतर्क रहें।
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सूर्य के द्वितीय भाव का फल शुभ स्थिति में जातक की जन्म कुंडली के दूसरे भाव में शुभ स्थिति होने पर यह जातक पर निम्नलिखित शुभ प्रभाव को डालता है 1-यदि जातक की कुंडली में सूर्य दूसरे भाव में शुभ स्थिति में बैठा हूं तथा साथ में गुरु की युति भी हो तो यह स्थिति अत्यंत शुभ फलदाई होती हैजातक का सारा परिवार सदा सुखी तथा समृद्ध बना रहता है तथा जातक को किसी भी प्रकार का अभाव नहीं होता जातक को कभी भी असफलता का मुंह नहीं देखना पड़ता तथा वह जिस कार्य में हाथ डालता है वह पूर्ण होता है ऐसा जापक हर प्रकार से योग होता है तथा अपनी योग्यता के बल पर सुखी समृद्ध जीवन व्यतीत करता है जातक राजा महाराजाओं के सामान ऐश्वर्य पूर्ण जीवन व्यतीत करता है तथा उसे कभी भी किसी प्रकार का अभाव नहीं रहता। 2- यदि जातक की जन्म कुंडली के दूसरे भाव में सूर्य शुभ स्थिति में हो तथा कुंडली के छठे भाव में चंद्रमा का वास हो तो यह स्थिति अत्यंत शुभ होती है इस स्थिति सूर्य अधिक बलवान होकर जातक को अत्यंत शुभ फल प्रदान करता है इस प्रकार का जातक धनी एवं अत्यंत प्रभावशाली और तेज युक्त होता है। 3- यदि जातक की कुंडली के दूसरे भाव में शुभ शुभ स्थिति में हो तथा कुंडली के आठवें भाव में बुध स्थित हो तो यह स्थिति शुभ होती हैं इस प्रकार का जातक बहुत अमीर तथा स्वाभिमानी होता है तथा अपने बाहुबल से अपनी जीविका चलाता है। ऐसा जातक अपने मित्रों तथा सहयोगियों से कोई सहायता नहीं लेता। 4- यदि जातक की कुंडली के दूसरे भाव में सूर्य शुभ स्थिति में हो तथा आठवें भाव में राहु का वास हो तो ग्रहों की यह स्थिति बहुत ही शुभ होती है। ग्रहों की इस स्थिति में परिणामस्वरूप जातक बहुत ही बुद्धिमान तथा बलवान होता है जातक को योग्यताओं का खजाना कहना अति उत्तम होगा जातक बहुत ही योग तथा बुद्धिमान होता है तथा अपनी बुद्धि के बल पर असंभव को भी संभव कर दिखाता है ऐसा जातक जीवन में कभी भी असफल नहीं होता सफलता सदैव उसके कदम चूमती है। 5- यदि किसी जातक की जन्म कुंडली के दूसरे भाव में शुभ अशुभ स्थिति में हूं तथा कुंडली के आठवें भाव में केतु बैठा हो तो ग्रहों की यह स्थिति शुभ है। ग्रहों की यही स्थिति जातक में न्याय प्रिय तथा सत्यवादी ता आदि गुणों के लिए उत्तरदाई होती है। इस प्रकार का जातक बहुत ही दयालु न्याय न्याय का पक्षधर सदा सत्यवादी होता है। पं- बृजेश कुमार शास्त्री
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सूर्य भविष्यफल और उपाय सूर्य आपके 8th भाव में स्थित है आठवें भाव स्थित सूर्य यदि अनुकूल हो तो उम्र के 22वें वर्ष से सरकार का सहयोग मिलता है। ऐसा सूर्य जातक को सच्चा, पुण्य और राजा की तरह बनाता है। कोई उसे नुकसान पहुँचाने में सक्षम होता। यदि आठवें भाव स्थित सूर्य अनुकूल न हो तो दूसरे भाव में स्थित बुध आर्थिक संकट पैदा करेगा। जातक अस्थिर स्वभाव, अधीर और अस्वस्थ्य रहेगा। उपाय: (1) घर में कभी भी सफेद कपड़े न रखें। (2) दक्षिण मुखी घर में न रहें। (3) हमेशा किसी भी नए काम शुरू करने से पहले मीठा खाकर पानी पिएं। (4) यदि सम्भव हो तो किसी जलती हुई चिता में तांबे के सिक्के डालें। (5) बहते हुए पानी में गुड़ बहाएं। चंद्र भविष्यफल और उपाय चंद्र आपके 6th भाव में स्थित है यह भाव बुध और केतु से प्रभावित होता है। इस घर में स्थित चंद्रमा दूसरे, आठवे, बारहवें और चौथे घरों में बैठे ग्रहों से प्रभावित होता है। ऐसा जातक बाधाओं के साथ शिक्षा प्राप्त करता है और अपनी शैक्षिक उपलब्धियों का लाभ उठाने के लिए उसे बहुत संघर्ष करना पडता है। यदि चंद्रमा छठवें, दूसरे, चौथे, आठवें और बारहवें घर में होता है तो यह शुभ भी होता है ऐसा जातक किसी मरते हुए के मुंह में पानी की कुछ बूंदें डालकर उसे जीवित करने का काम करता है। यदि छठवें भाव में स्थित चंद्रमा अशुभ है और बुध दूसरे या बारहवें भाव में स्थित है तो जातक में आत्महत्या करने की प्रवृत्ति पाई जाएगी। ठीक इसी तरह यदि चन्द्रमा अशुभ है और सूर्य बारहवें घर में है तो जातक या उसके जीवनसाथी या दोनों को ही आंख के रोग या परेशानियों से ग्रस्त होंगे। उपाय: (1) अपने पिता को अपने हाथों से दूध परोसें। (2) रात के समय दूध कभी भी न पिएं। लेकिन दिन के समय दूध उपयोग किया जा सकता है। रात के समय दही और पनीर का सेवन किया जा सकता है। (3) दूध का दान न करें। केवल पूजा के धार्मिक स्थानों पर दूध दिया जा सकता है। (4) जातक अस्पताल या श्मशान भूमि में कुआं खुदवाएं। मंगल भविष्यफल और उपाय मंगल आपके 12th भाव में स्थित है यह घर बृहस्पति से प्रभावित घर होता है। इसलिए यहां पर मंगल और और बृहस्पति दोनों के अच्छे परिणाम मिलते हैं। यह राहू का पक्का घर भी कहा गया है इसलिए मंगल के यहां स्थित होने के कारण राहू का दुष्प्रभाव भी नहीं मिलता। उपाय: (1) सुबह खाली पेट शहद का सेवन करें। (2) मिठाई खाना और दूसरों को भी देने से जातक के धन की बृद्धि होती है। बुध भविष्यफल और उपाय बुध आपके 9th भाव में स्थित है नौवें घर में भी बुध बहुत बुरा प्रभाव देता है क्योकि यह बृहस्पति का घर होता है और बुध उसका शत्रु ग्रह है। यह लगातार मानसिक बेचैनी और विभिन्न प्रकार की मानहानि का कारण बनता है। यदि चंद्रमा केतु, और बृहस्पति 1, 3, 6, 7, 9 और 11 घरों में हों तो, बुध अधिक फायदेमंद परिणाम नहीं देता। उपाय: (1) हरे रंग के प्रयोग से बचें। (2) अपनी नाक छिदवायें। (3) किसी मिट्टी के बर्तन में मशरूम भरकर धार्मिक जगह दान करें। (4) किसी साधु या फ़कीर से कोई ताबीज़ न लें। गुरु भविष्यफल और उपाय गुरु आपके 9th भाव में स्थित है नौवां घर बृहस्पति से विशेष रूप से प्रभावित होता है। इसलिए इस भाव वाला जातक प्रसिद्ध है, अमीर और एक अमीर परिवार में पैदा होगा। जातक अपनी जुबान का पाक्का और दीर्घायु होगा, उसके बच्चे बडे अच्छे होंगे। यदि बृहस्पति नीच का हो तो जातक में उपरोक्त गुण नहीं होंगे और वह नास्तिक होगा। यदि बृहस्पति का शत्रु ग्रह पहले, पांचवें या चौथे भाव में हो तो बृहस्पति बुरे परिणाम देगा। उपाय: (1) हर रोज मंदिर जाना चाहिए। (2) शराब पीने से बचें। (3) बहते पानी में चावल बहाएं।
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